मेरठ के कपसाड़ कांड में जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। रूबी को अगले 24 घंटे में घर भेजे जाने की तैयारी है, जिससे हत्या और अपहरण का सच सामने आ सकता है। गांव में सुरक्षा सख्त है और पुलिस आरोपी पारस की रिमांड की तैयारी में है।

अगले 24 घंटे में रूबी पहुंचेगी कपसाड़
Meerut: मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए अपहरण और हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही रूबी को अगले 24 घंटे में उसके घर भेजे जाने की संभावना है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रूबी की वापसी के बाद उसकी मां सुनीता की हत्या और खुद उसके अपहरण से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इस बीच मुख्य आरोपी पारस सोम पहले ही जेल भेजा जा चुका है और अब पुलिस उसकी कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में जुट गई है।
अपहरण के बाद बरामद की गई रूबी को मेरठ मेडिकल स्थित आशा ज्योति केंद्र में रखा गया है। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी काउंसलिंग की जा रही है। मानसिक रूप से आहत रूबी को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वह बिना किसी दबाव के अपनी आपबीती पुलिस के सामने रख सके।
रविवार को पुलिस की मौजूदगी में रूबी की उसके परिजनों से मुलाकात कराई गई। भाई नरसी समेत परिवार के कुछ सदस्यों को थोड़ी देर के लिए उससे मिलने की अनुमति दी गई। मुलाकात के दौरान भावुक माहौल रहा। सूत्रों के मुताबिक रूबी ने परिवार को देखकर राहत की सांस ली, जबकि परिजन उसकी सलामती देखकर भावुक हो गए।
पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि काउंसलिंग और मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो अगले 24 घंटे में रूबी को कपसाड़ गांव भेजा जा सकता है। गांव में चर्चा है कि रूबी के वापस आने के बाद न सिर्फ अपहरण की पूरी कहानी सामने आएगी, बल्कि उसकी मां सुनीता की हत्या से जुड़े कई अहम खुलासे भी हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण गवाह रूबी ही है। घटना के वक्त वही मौके पर मौजूद थी और उसी के सामने उसकी मां पर हमला किया गया। इसलिए उसकी गवाही से यह साफ हो सकेगा कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक हुई, और इसमें कितने लोग शामिल थे।
इस केस का मुख्य आरोपी पारस सोम फिलहाल जेल में है। पुलिस अब उसकी कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार, घटना के समय मौजूद अन्य आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की साजिश से जुड़े तथ्य सामने लाए जाएंगे।
कपसाड़ कांड: हत्या और अपहरण से हिला मेरठ, चार दिन बाद भी गांव बना पुलिस छावनी
रूबी की संभावित वापसी को देखते हुए कपसाड़ गांव में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। गांव के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं और बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद है। गांव में प्रवेश करने वालों से आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखे हुए है।
यह मामला उस वक्त सामने आया जब कपसाड़ गांव की रहने वाली सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। आरोप है कि उसी दौरान गांव का ही पारस सोम अपने साथियों के साथ कार में पहुंचा और रूबी को जबरन ले जाने की कोशिश की। सुनीता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर फरसे से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।