राम मंदिर चोरी केस का सबसे बड़ा रहस्य! सारे फैसले चंपत राय के, फिर भी SIT रिपोर्ट में नाम क्यों नहीं?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच में डॉ. अनिल मिश्रा को दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार माना गया है, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम प्रारंभिक रिपोर्ट में नहीं आया। हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट में उनकी भूमिका और लापरवाही पर सवाल उठने की संभावना जताई जा रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 July 2026, 7:42 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रस्ट के प्रमुख पद पर रहते हुए भी चंपत राय का नाम जांच रिपोर्ट में क्यों नहीं आया, जबकि डॉ. अनिल मिश्रा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। अब 15 जुलाई को आने वाली विस्तृत जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

दस्तावेजों में नहीं मिले चंपत राय के हस्ताक्षर

सूत्रों के अनुसार एसआईटी को जांच के दौरान ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला, जिस पर चंपत राय के हस्ताक्षर हों। बैंक के साथ हुए एमओयू, दान राशि की गणना से जुड़ी एसओपी और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों पर डॉ. अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर पाए गए। इन्हीं दस्तावेजों को जांच का आधार बनाते हुए एसआईटी ने उन्हें जिम्मेदार माना।

अनिल मिश्रा पर गिरी कार्रवाई की गाज

प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआईटी ने डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया है। वहीं ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों, जिनमें गोपाल राव भी शामिल हैं, के खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई है।

15 जुलाई की रिपोर्ट में बदल सकते हैं समीकरण

सूत्रों का दावा है कि एसआईटी की विस्तृत जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट 15 जुलाई या उसके बाद शासन को सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में चंपत राय की प्रशासनिक जिम्मेदारी और निगरानी में कथित लापरवाही का उल्लेख किया जा सकता है।

भर्ती प्रक्रिया और चाबियों को लेकर भी उठे सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि मंदिर में नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों की नियुक्ति और उन्हें संवेदनशील जिम्मेदारियां देने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू यादव के पास दान पात्रों की चाबियां होने की बात भी जांच एजेंसियों के रडार पर है।

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कार्रवाई के डर से कर्मचारी छोड़ रहे काम

चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और एसआईटी की कार्रवाई के बाद मंदिर परिसर में कार्यरत कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। गणना कार्य में लगे कई कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार पहले जिन कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है, उनमें से कई कार्रवाई की आशंका से काम छोड़ चुके हैं। वर्तमान में सीमित कर्मचारियों के सहारे दान राशि की गणना कराई जा रही है।

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जांच पर टिकी सभी की निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विस्तृत एसआईटी रिपोर्ट कई नए खुलासे कर सकती है। यदि प्रशासनिक लापरवाही के पर्याप्त साक्ष्य मिले तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल पूरे मामले में 15 जुलाई को आने वाली रिपोर्ट सबसे अहम मानी जा रही है।

Location :  Ayodhya

Published :  11 July 2026, 7:42 AM IST