राम मंदिर में करोड़ों की चढ़ावा चोरी का असर? घटी भक्तों की भीड़, दानपात्र से गायब हुए 100, 200 और 500 के नोट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दान के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़े नोटों की संख्या कम होने और श्रद्धालुओं की भीड़ घटने की चर्चा है। हालांकि ट्रस्ट ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कारोबारियों की राय भी इस मुद्दे पर अलग-अलग है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 July 2026, 8:03 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद अब इसका असर मंदिर में मिलने वाले दान और श्रद्धालुओं की संख्या पर भी दिखाई देने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, पहले जहां दानपात्रों से 100, 200 और 500 रुपये के नोट बड़ी संख्या में निकलते थे, वहीं अब 10, 20 और 50 रुपये के नोट अपेक्षाकृत अधिक मिल रहे हैं। हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

दान के पैटर्न में आया बदलाव

मंदिर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नकद चढ़ावे की गणना के दौरान अब बड़े मूल्य के नोट पहले की तुलना में कम मिल रहे हैं। इसके विपरीत छोटे नोटों की संख्या बढ़ी है। इसे कुछ लोग हालिया घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में आए बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी

जानकारी के अनुसार जून महीने तक प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 60 हजार प्रतिदिन बताई जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का असर मंदिर परिसर और आसपास के व्यापार पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।

व्यापारियों ने जताई चिंता

रामपथ और मंदिर क्षेत्र में प्रसाद, पूजा सामग्री, होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार करने वाले कई व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में बिक्री में गिरावट आई है। व्यापारी राजकुमार का कहना है कि पहले रोजाना दो से ढाई हजार रुपये की आमदनी होती थी, जो अब घटकर 500 से 700 रुपये तक रह गई है। उनका मानना है कि चढ़ावा चोरी की घटना का असर श्रद्धालुओं की भावना पर पड़ा है।

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हर कोई नहीं मान रहा यही वजह

हालांकि सभी कारोबारी इस राय से सहमत नहीं हैं। व्यापारी महेंद्र सिंह का कहना है कि जुलाई में हर साल स्कूल-कॉलेज खुलने, बरसात शुरू होने और छुट्टियां समाप्त होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। उनके अनुसार इसे केवल चढ़ावा चोरी प्रकरण से जोड़ना उचित नहीं होगा।

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आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी या चढ़ावे में गिरावट को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि दान के पैटर्न और श्रद्धालुओं की संख्या में बदलाव का मुख्य कारण क्या है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट या संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी होने वाली जानकारी के बाद स्थिति और साफ हो सकती है।

Location :  Ayodhya

Published :  11 July 2026, 8:03 AM IST