
रोते बिलखते परिजन, डीएम-एसपी मौके पर (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: विज्ञान की दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके महज 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की रहस्यमय मौत ने पूरे पूर्वांचल को झकझोर कर रख दिया है। लखनऊ के विभूतिखंड स्थित एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले राहुल सिंह की मौत अब कई सवाल खड़े कर रही है। इस बीच गुरुवार को महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी स्वयं सिसवा क्षेत्र के आसन छपरा स्थित उनके आवास पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।
करीब एक घंटे तक दोनों वरिष्ठ अधिकारी परिवार के बीच बैठे रहे। उन्होंने राहुल के माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों से विस्तार से बातचीत की तथा उनकी पीड़ा को सुना। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन इस मामले को पूरी संवेदनशीलता से देख रहा है और जांच निष्पक्ष, पारदर्शी तथा तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। परिवार को यह भी आश्वस्त किया गया कि यदि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होगी तो तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
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जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने डाइनामाइट न्यूज संवाददाता से बातचीत के दौरान कहा कि यह केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे जिले का दुख है। उन्होंने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। वहीं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने भरोसा दिलाया कि मौत से जुड़े प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी तथ्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
राहुल सिंह महराजगंज जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के बीजापार आसन छपरा गांव के रहने वाले थे। बचपन से ही विज्ञान के प्रति उनकी गहरी रुचि थी। मात्र 13 वर्ष की उम्र से उन्होंने लगातार तीन बार इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में प्रथम स्थान हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया था। कोरोना काल में उनके द्वारा विकसित बैटरी चालित ट्रैक्टर की देशभर में चर्चा हुई थी। दावा किया गया था कि यह ट्रैक्टर बिना बाहरी चार्जिंग के संचालित होने की क्षमता रखता है। इसके अलावा उन्होंने कई आधुनिक ड्रोन और अन्य वैज्ञानिक मॉडल भी तैयार किए थे।
घर के बाहर जुटी परिजनों की भारी भीड़ (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
राहुल वर्तमान में गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन, इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर में रिसर्चर के रूप में कार्य कर रहे थे। विज्ञान के क्षेत्र में उनके नवाचारों को देखते हुए उन्हें भविष्य का बड़ा वैज्ञानिक माना जा रहा था।
घटना के अनुसार राहुल सोमवार दोपहर लखनऊ के विभूतिखंड स्थित नोवोटेल होटल में ठहरे थे। 12 जुलाई अपने जन्मदिन के दो दिन बाद मंगलवार को निर्धारित समय तक कमरे से बाहर नहीं आने पर होटल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा खोलने पर राहुल कमरे में मृत मिले। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
इधर, राहुल के पिता और भाई रोहित सिंह ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि राहुल बेहद सकारात्मक सोच वाले युवा थे और उनकी मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
राहुल के घर का माहौल पूरी तरह गमगीन है। उनका कमरा आज भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मिले सैकड़ों मेडल, ट्रॉफियों और प्रमाणपत्रों से सजा हुआ है। इन उपलब्धियों को देखकर परिजनों की आंखें नम हो जाती हैं। गांव और आसपास के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
एक होनहार वैज्ञानिक की असमय और रहस्यमय मौत ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे महराजगंज और विज्ञान जगत को भी स्तब्ध कर दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस बहुचर्चित मामले की सच्चाई सामने आ सके।
Location : Maharajganj
Published : 16 July 2026, 2:53 PM IST
Topics : Lucknow Hotel Death Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) Police Investigation Rahul Singh Young Scientist