
प्रतीकात्मक छवि (Image Source: Pinterest)
Prayagraj: प्रयागराज के नीबी कुकुरकटवा गांव में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस इस मामले की हर परत को खोलने में जुटी हुई है और अब जांच का केंद्र मुख्य आरोपी हिमांशु यादव की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) बन गई है। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर की पिछले चार महीनों की कॉल डिटेल निकलवाई है, जिसमें कई ऐसे नंबर सामने आए हैं जिन्होंने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
करीब 22 पन्नों की इस विस्तृत रिपोर्ट में सैकड़ों कॉल और संपर्कों का विवरण मौजूद है। पुलिस का मानना है कि इन तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से न केवल हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है, बल्कि यह भी स्पष्ट हो सकता है कि इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
तिहरे हत्याकांड के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रेम प्रसंग को जांच का प्रमुख आधार मानकर आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि मुख्य आरोपी हिमांशु यादव का एक किशोरी से संपर्क था और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। इसी कड़ी में पुलिस ने आरोपी की कॉल डिटेल निकलवाई। अधिकारियों को उम्मीद है कि फोन रिकॉर्ड से दोनों के संबंधों की प्रकृति, बातचीत की आवृत्ति और वारदात से पहले की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
सीडीआर की जांच में कई ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए हैं, जिन पर वारदात से पहले और घटना के बाद लगातार बातचीत हुई है। पुलिस इन नंबरों के धारकों की पहचान करने और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां केवल कॉल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन नंबरों की लोकेशन, बातचीत के समय और कॉल पैटर्न का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों का घटना से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
जांच के दौरान सबसे अधिक चर्चा किशोरी की संभावित भूमिका को लेकर हो रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीडीआर में मिले कुछ तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। जांच टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि क्या उसे वारदात की किसी योजना की जानकारी थी, क्या वह आरोपियों की गतिविधियों से अवगत थी या फिर उसका इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं था। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी तथ्यों की जांच के बाद ही किसी भी तरह की आधिकारिक टिप्पणी की जाएगी।
पुलिस का मानना है कि तकनीकी जांच से कुछ और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। यही वजह है कि संदिग्ध नंबरों से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अगर जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। पुलिस हर उस व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है जिसका नाम या संपर्क इस मामले से जुड़ता दिखाई दे रहा है।
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी हिमांशु यादव ने दावा किया था कि उसे हत्या करने के लिए किशोरी ने उकसाया था। उसके इस बयान के बाद पुलिस ने किशोरी से भी विस्तृत पूछताछ की। हालांकि किशोरी ने हिमांशु के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसकी हिमांशु से मुलाकात हुई थी, लेकिन दोनों के बीच केवल शादी को लेकर बातचीत हुई थी। उसने साफ कहा कि उसे किसी हत्या की योजना या घटना की कोई जानकारी नहीं थी।
फिलहाल पुलिस इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, आरोपियों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को एक-दूसरे से मिलाकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सीडीआर से मिले सुराग इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं।
Location : Prayagraj
Published : 19 June 2026, 10:24 AM IST