बेटी के इंतजार में रखा मां का शव, कपसाढ़ गांव में इंसाफ की गुहार और उबाल; परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार

कपसाढ़ गांव में सुनीता की हत्या और बेटी के अपहरण से माहौल तनावपूर्ण है। पीड़ित परिवार बेटी की बरामदगी तक अंतिम संस्कार से इनकार कर रहा है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 9 January 2026, 3:51 PM IST

Meerut: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाढ़ गांव में सुनीता की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके में तनाव की आग भड़का दी है। ठाकुर बाहुल्य गांव में गुरुवार को जिस तरह से यह सनसनीखेज वारदात हुई, उसने सामाजिक संतुलन को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद ठाकुर चौबीसी का माहौल गर्म है और गांव के भीतर ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी टकराव की आशंका बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने बेटी की सकुशल बरामदगी तक सुनीता का अंतिम संस्कार न करने का ऐलान कर दिया है, जिससे पुलिस और प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।

अंतिम संस्कार को लेकर अड़े परिजन

घटना के बाद से पीड़ित परिवार अपनी मांगों पर अडिग है। प्रशासन की ओर से 48 घंटे में अपहृत किशोरी की बरामदगी का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर बाद अंतिम संस्कार पर सहमति बनने की चर्चा चली, लेकिन देर शाम तक परिवार इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इस दौरान एसपी देहात और पीड़ित स्वजनों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक बेटी दहलीज पर नहीं आती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

नेताओं की एंट्री से सियासी तापमान बढ़ा

घटना के बाद गांव में राजनीतिक नेताओं का आना-जाना भी तेज हो गया है। विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा और मुकेश सिद्धार्थ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब पीड़ित परिवार के लोग विधायक अतुल प्रधान को धरने से उठाकर अपने घर ले आए। इसे लेकर पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने अतुल प्रधान पर टिप्पणी भी की, जिससे सियासी बयानबाजी तेज हो गई।

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अखिलेश यादव से फोन पर बात

विधायक अतुल प्रधान ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पीड़ित परिवार की फोन पर बात कराई। इस दौरान प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन की जानकारी भी साझा की गई। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश विधायक को दिए। इस घोषणा से परिवार को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी मुख्य मांग बेटी की बरामदगी अब भी बरकरार है।

गांव के तीनों रास्ते सील

गुरुवार को कपसाढ़ गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने तीनों मुख्य रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात कर गांव को पूरी तरह सील कर दिया था। बाहरी लोगों की आवाजाही पर सख्त नजर रखी गई। अनुसूचित समाज की बस्तियों में लोगों के चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा था। लोग खुलकर कह रहे थे कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे संघर्ष के लिए तैयार हैं।

ठाकुर बस्ती में भी बेचैनी

वहीं, ठाकुर समाज की बस्ती में भी बेचैनी का माहौल है। गांव में पुलिस और बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। हर कोई हालात पर नजर बनाए हुए है। गांव में किसी भी तरह की चिंगारी बड़े टकराव में न बदल जाए, इसे लेकर पुलिस अधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। दलित संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं ने प्रशासन की चुनौती और बढ़ा दी है।

15 हजार की आबादी वाला गांव

कपसाढ़ गांव की कुल आबादी लगभग 15 हजार है। इसमें करीब नौ हजार ठाकुर समाज के लोग, तीन हजार अनुसूचित जाति, दो हजार पंडित और शेष अन्य बिरादरी के परिवार रहते हैं। गांव में केवल दो मुस्लिम परिवार हैं। अनुसूचित जाति के अधिकांश लोग मेहनत-मजदूरी से जुड़े हैं। खास बात यह है कि गांव में दोनों प्रमुख समाजों के बीच पहले कभी बड़े टकराव या हिंसा का कोई गंभीर इतिहास नहीं रहा है।

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घटना की वजह पर चुप्पी

गुरुवार को सतेंद्र कुमार के परिवार के साथ जो हुआ, उसे गांव का हर व्यक्ति गलत और दुखद बता रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह को लेकर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। गांव में तरह-तरह की गुपचुप चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन पीड़ित पक्ष, आरोपित परिवार, ग्राम प्रधान और अन्य जिम्मेदार लोग इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी फिलहाल मामले के संवेदनशील होने के चलते कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

आरोपितों के घरों पर ताले

किशोरी के अपहरण और सुनीता के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिलते ही आरोपित पारस सोम और सुनील सोम के स्वजन घरों में ताले लगाकर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने पारस सोम के माता-पिता और एक अन्य स्वजन को हिरासत में ले लिया। उनसे आरोपितों के ठिकानों और गतिविधियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपितों की गिरफ्तारी और किशोरी की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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  • Meerut

Published : 
  • 9 January 2026, 3:51 PM IST