Meerut Saurabh Murder Case: फांसी मिलेगी या उम्रकैद? मुस्कान-साहिल को लेकर आज होगा बड़ा फैसला

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज फैसला आने वाला है। 22 से ज्यादा गवाहों, लंबे ट्रायल और कई अहम सबूतों के बाद अब सबकी नजर अदालत के निर्णय पर है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में क्या होगा कोर्ट का फैसला और किन बातों ने इस केस को बनाया इतना सुर्खियों में, जानिए पूरी कहानी इस खास रिपोर्ट में।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 September 2026, 9:43 AM IST

Meerut: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज अदालत अपना फैसला सुनाने वाली है। नीले ड्रम में मिले शव ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब सवाल यह है कि आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल को कोर्ट कौन-सी सजा सुनाएगा? लंबे ट्रायल, गवाहियों और सबूतों के बाद यह मामला अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है।

नीले ड्रम से शुरू हुई थी सनसनी

मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सामने आए इस मामले ने लोगों को हैरान कर दिया था। पुलिस के अनुसार, सौरभ राजपूत का शव उसके ही घर में एक नीले प्लास्टिक ड्रम के अंदर मिला था। इस घटना के बाद मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

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मामले की सुनवाई जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। कोर्ट में 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए और कई अहम सबूत पेश किए गए।

लंदन से लौटने के बाद बदली कहानी

पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर लंदन गया था और वापस लौटने के बाद मेरठ में रह रहा था। आरोप है कि इसी दौरान मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को ड्रम में छिपाया गया था। पुलिस ने मामले से जुड़े कई सामान और घटनाक्रम को सबूत के तौर पर कोर्ट में रखा।

गवाहियों में सामने आई कई अहम बातें

इस केस में परिवार, पड़ोसियों, दुकानदारों और अन्य लोगों की गवाही हुई। सौरभ के भाई बबलू राजपूत ने कोर्ट में बताया कि उन्हें सूचना मिलने के बाद घर पहुंचने पर भाई का शव मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या मुस्कान और साहिल ने की। जांच के दौरान ड्रम बेचने वाले दुकानदार, चाकू बेचने वाले दुकानदार और सीमेंट-बालू विक्रेता समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन गवाहियों को अभियोजन पक्ष ने अपने मामले का अहम हिस्सा बताया।

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फोरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट भी बनीं अहम सबूत

पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में घटनास्थल से मिले सबूतों को कोर्ट के सामने रखा गया। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने भी शरीर पर मिले चोटों और हत्या से जुड़ी जानकारी अदालत में दी। इसके अलावा कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा रहे। कैब ड्राइवर और होटल कर्मचारियों ने भी कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।

करीब 13 महीने तक चली बहस के बाद अब अदालत का फैसला सामने आएगा। इस मामले में लोगों की नजरें कोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं।

क्या है मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड?

मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत फरवरी के अंतिम सप्ताह में हुई। 25 फरवरी को घर में सौरभ की पत्नी का जन्मदिन मनाया गया। इसके कुछ दिन बाद 28 फरवरी को उनकी बेटी पीहू का जन्मदिन भी मनाया गया।

पुलिस के अनुसार, 3 मार्च को आरोपी मुस्कान ने कथित तौर पर सौरभ के खाने में नींद की दवा मिला दी। रात में उसने अपने कथित प्रेमी साहिल शुक्ला को घर बुलाया। आरोप है कि दोनों ने सौरभ की हत्या करने के बाद शव को छिपाने के लिए उसके टुकड़े किए।

4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को मायके में छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई। दोनों करीब दो सप्ताह तक शिमला और मनाली में रहे। 17 मार्च को मुस्कान मेरठ लौटी और अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। अगले दिन उसकी मां की सूचना पर पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची। वहां एक नीला ड्रम मिला, जिसमें सीमेंट के भीतर सौरभ का शव बरामद हुआ।

18 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। 19 मार्च को दोनों को मीडिया के सामने पेश किया गया और शव के चार हिस्सों का पोस्टमॉर्टम कराया गया।

Location :  Meerut

Published :  30 September 2026, 9:34 AM IST