
पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया (IMG: Dynamite News)
Prayagraj: प्रयागराज के मांडा थाने में घूसखोरी की शिकायत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। आरोप है कि एक पीड़ित से उसका काम कराने के नाम पर थाने में तैनात सिपाही ने 5 हजार रुपये ले लिए। रुपये देने के बाद भी जब पीड़ित का काम नहीं हुआ तो उसने पूरे मामले की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा दी। शिकायत सामने आते ही पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई कर दी। सिपाही उज्जवल कुमार को निलंबित कर दिया गया, वहीं मांडा थाने के थानेदार अनिल वर्मा पर भी कार्रवाई की गई।
प्रयागराज के नए पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने जिले की कमान संभालने के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्त रुख के संकेत दिए हैं। मांडा थाने का यह मामला उसी कार्रवाई की पहली बड़ी तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लेना और आरोपों पर कार्रवाई करना पुलिस महकमे के लिए साफ संदेश माना जा रहा है।
मांडा थाने में तैनात सिपाही उज्जवल कुमार पर आरोप है कि उसने एक पीड़ित से 5 हजार रुपये लिए थे। आरोप के मुताबिक सिपाही ने पीड़ित को भरोसा दिलाया था कि पैसे देने के बाद उसका काम हो जाएगा। पीड़ित ने सिपाही की बात पर भरोसा करते हुए रकम दे दी।
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि पैसे देने के बाद भी जब पीड़ित का काम नहीं हुआ तो उसने चुप बैठने के बजाय शिकायत की। मामला स्थानीय स्तर से निकलकर पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
मामले में सिर्फ सिपाही पर कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि मांडा थाने के थानेदार अनिल वर्मा को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। सिपाही द्वारा पैसे लिए जाने की जानकारी थानेदार को थी या नहीं, यह जांच का विषय है। लेकिन पुलिस कमिश्नर ने थाने की जिम्मेदारी को देखते हुए थानेदार पर भी कार्रवाई की।
Location : Prayagraj
Published : 12 August 2026, 1:01 PM IST