कागजों में विकास, मौके पर बदहाली? महराजगंज की ग्राम पंचायत में जांच के दौरान मिले चौंकाने वाले हालात

महराजगंज की लक्ष्मीपुर ब्लॉक की महुअवा अड्डा ग्राम पंचायत में जांच के दौरान पंचायत भवन की बदहाल स्थिति, कूड़े के ढेर, अभिलेखों की अनुपलब्धता और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज कई भुगतानों में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई है। जांच के बाद संबंधित प्रशासक/निवर्तमान प्रधान से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 September 2026, 7:10 PM IST

Maharajganj: सरकारी योजनाओं के नाम पर खर्च होने वाली रकम और जमीन पर दिखने वाले काम के बीच कितना फर्क है, इसकी तस्वीर महराजगंज की लक्ष्मीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत महुअवा अड्डा में हुई जांच से सामने आई है। यहां पंचायत भवन की जर्जर हालत, जगह-जगह कूड़े के ढेर, जरूरी अभिलेखों का उपलब्ध न होना और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज कई भुगतानों में प्रथम दृष्टया अनियमितता की बात सामने आई है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा की ओर से 1 सितंबर 2026 को किए गए स्थलीय और अभिलेखीय निरीक्षण में इन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

जर्जर हालत में मिला पंचायत भवन

जांच के दौरान पंचायत भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक भवन की दीवारों का पेंट खराब था और कई जगह प्लास्टर गिरा हुआ मिला। इससे पंचायत भवन की देखरेख पर सवाल खड़े हुए हैं। इतना ही नहीं, पंचायत भवन के दो महत्वपूर्ण कमरों में ताला लगा मिला। निरीक्षण टीम को इन कमरों को बंद रखने के संबंध में स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच रिपोर्ट में भवन की स्थिति और कमरों के बंद होने का उल्लेख किया गया है।

सफाई के नाम पर खर्च, फिर भी कूड़े का ढेर

ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था भी जांच के दौरान सवालों के घेरे में रही। निरीक्षण टीम को पंचायत के अलग-अलग हिस्सों में भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा जमा मिला। रिपोर्ट में साफ-सफाई की व्यवस्था को संतोषजनक नहीं बताया गया है। यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत के रिकॉर्ड में स्वच्छता से जुड़े कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में एक आईडी के माध्यम से स्वच्छता कार्य पर 8,04,107 रुपये और प्रशासनिक कार्य पर 3,24,751 रुपये खर्च किए गए। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वच्छता कार्य के नाम पर 2,45,253 रुपये खर्च होने की जानकारी दर्ज है।

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अमृत सरोवर के काम और भुगतान भी जांच के दायरे में

अमृत सरोवर से जुड़े कार्यों के भुगतान को लेकर भी जांच रिपोर्ट में कई बिंदु दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023-24 में अमृत सरोवर पर पेंटिंग और चित्रकारी के अवशेष भुगतान के रूप में 93,406 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में इस भुगतान के बिना जियोटैग किए जाने का उल्लेख है।

वहीं वर्ष 2024-25 में अमृत सरोवर के कायाकल्प के नाम पर 1,08,624 रुपये खर्च किए गए। इसी अवधि में अमृत सरोवर पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए 1,73,864 रुपये का भुगतान दर्ज है। जांच रिपोर्ट में संबंधित आईडी डिलीट किए जाने की बात भी सामने आई है।

इसके अलावा अमृत सरोवर के सामने राबिश और टुकड़ा कार्य के नाम पर वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक अलग-अलग वर्षों में कुल 7,46,283 रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है। जांच रिपोर्ट में इस तरह काम को अलग-अलग हिस्सों में किए जाने को शासनादेश में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना गया है।

अभिलेख नहीं मिले तो भुगतान पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान ग्राम पंचायत का स्टॉक रजिस्टर, कार्यों से संबंधित पत्रावलियां और अन्य जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। सरकारी कार्यों और भुगतान की जांच में इन दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अभिलेख उपलब्ध न होने से जांच टीम के सामने भी सवाल खड़े हुए। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज कई अन्य भुगतानों को भी रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। कुछ कार्यों के भुगतान बिना जियोटैग किए जाने का उल्लेख है।

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एक मामले में इंटरलॉकिंग और सीसी रोड निर्माण के लिए 1,95,384 रुपये का भुगतान दर्ज है, जबकि फीड किए गए बाउचर की राशि 1,07,000 रुपये बताई गई है। इसके अलावा प्रशासनिक मद, अन्य कार्य, टायलीकरण, राबिश और टुकड़ा कार्य समेत अलग-अलग मदों में किए गए भुगतानों का भी रिपोर्ट में उल्लेख है।

सात दिन में देना होगा स्पष्टीकरण

जांच रिपोर्ट में सामने आए इन बिंदुओं को वित्तीय अनियमितता की परिधि में रखते हुए संबंधित प्रशासक/निवर्तमान प्रधान को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के आदेश पर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से की गई है। नोटिस में संबंधित पक्ष को पूरे मामले में अपना स्पष्टीकरण सात दिनों के भीतर जिला पंचायत राज अधिकारी, महराजगंज के कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। अब संबंधित पक्ष के जवाब के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Location :  Maharajganj

Published :  21 September 2026, 7:10 PM IST