
दिव्या मिश्रा और मानस बाजपेयी (सोर्स- एक्स)
Lucknow: लखनऊ के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस की जांच बैंककर्मी मानस बाजपेयी के लॉक आईफोन पर आकर टिक गई है। पुलिस को अंदेशा है कि इस फोन के खुलने के बाद ही घटना से जुड़ी सभी कड़ियां जुड़ सकेंगी। डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा के अनुसार, मानस दो फोन इस्तेमाल करता था, जिसमें उसका पर्सनल आईफोन लॉक है। डेटा डिलीट होने के खतरे के बिना फोन का लॉक तोड़ने के लिए अब रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से पासवर्ड जुटाया जा रहा है।
पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि मानस को घटना में इस्तेमाल हुआ अवैध असलहा कहां से मिला था। इसके साथ ही, उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटना वाले दिन की लोकेशन को खंगाला जा रहा है। मानस के साथ बैंक में काम करने वाले सहयोगियों से भी पूछताछ की तैयारी है। अब तक कोई सुसाइड नोट न मिलने के कारण मोबाइल की चैट, फोटो और कॉल्स ही पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हो सकते हैं।
जांच में मानस के पारिवारिक इतिहास को खंगाला गया तो कई दर्दनाक पहलू सामने आए। पिता आरके बाजपेयी की मौत हार्ट अटैक से होने के बाद मां अंजू लंबे समय तक कैंसर से जूझती रहीं और मानस ने उनकी बहुत सेवा की थी। मां के निधन के बाद बहन तूलिका अवसाद में चली गई थी, जिसकी जिम्मेदारी भी मानस उठा रहा था। पुलिस अब इन पारिवारिक दुखों और पत्नी से उपजे तनाव के बीच की कड़ियों को आपस में जोड़कर मानस के मानसिक बदलाव के कारणों को समझने की कोशिश कर रही है।
शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि जनवरी महीने में गर्भपात के बाद से ही पति-पत्नी के रिश्तों में खटास आ गई थी और दिव्या अलग रहना चाहती थीं। जनवरी में ही दिव्या ने मानस पर तीन मुकदमे दर्ज करा दिए थे, जिससे वह भारी मानसिक दबाव में था। हालांकि मार्च में मानस ने साथ रहने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन 18 अगस्त की तारीख पर ऐसा क्या हुआ जिसने इस खौफनाक अंजाम को जन्म दिया? पुलिस अब मानस की वसीयत, संपत्ति के दस्तावेजों और उत्तराधिकार से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से कानूनी जांच कर रही है।
Location : Lucknow
Published : 23 August 2026, 8:58 AM IST
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