कपसाड़ अपहरण–हत्याकांड में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य आरोपी पारस और पीड़िता रूबी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। अब सीजेएम कोर्ट में बयानों के बाद जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

मुख्य आरोपी पारस और पीड़िता रूबी का हुआ मेडिकल
Meerut: मेरठ के बहुचर्चित कपसाड़ अपहरण–हत्याकांड में शनिवार देर रात और रविवार को बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्य आरोपी पारस सोम और अपहृत युवती रूबी का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। यह मेडिकल कोर्ट में पेशी से पहले अनिवार्य प्रक्रिया के तहत कराया गया, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई में किसी तरह की कमी न रह जाए।
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी पारस सोम को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। इसके साथ ही पीड़िता रूबी का भी अलग से मेडिकल कराया गया। सूत्रों के अनुसार, मेडिकल के दौरान डॉक्टरों ने युवती की शारीरिक और मानसिक स्थिति की जांच की। मेडिकल रिपोर्ट को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह रिपोर्ट आगे कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर पेश की जाएगी।
मेडिकल प्रक्रिया के दौरान जिला अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। थाना पुलिस के साथ-साथ पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी तरह की चूक नहीं बरती जा रही है।
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कानून के तहत आरोपी और पीड़िता दोनों का मेडिकल कोर्ट में पेशी से पहले कराया जाना जरूरी होता है। इसी क्रम में पुलिस ने मेडिकल प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद आरोपी पारस सोम को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि युवती रूबी को भी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, युवती रूबी के बयान सीजेएम कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे। यह बयान पूरे मामले की जांच के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। रूबी के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या-क्या हुआ, आरोपी अकेला था या अन्य लोग भी इसमें शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट से कई अहम तथ्यों की पुष्टि हो सकती है। यह रिपोर्ट न सिर्फ घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद करेगी, बल्कि आरोपी के खिलाफ सबूतों को भी मजबूत करेगी। अगर मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह की गंभीर बात सामने आती है, तो आरोपों की धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
बृहस्पतिवार सुबह सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में सुनीता देवी अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रजबहे की पटरी के पास आरोपी पारस सोम और उसके साथियों ने रूबी को अगवा करने की कोशिश की। मां सुनीता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर फरसे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी रूबी को अगवा कर फरार हो गया था।
पुलिस ने शनिवार शाम तीसरे दिन रूबी को बरामद किया था और पारस सोम को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब मेडिकल और कोर्ट में बयान के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप देने की तैयारी में है।