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विचाराधीन बंदी रिंकू यादव की मौत पर मजिस्ट्रेटी जांच(Source: Pinterest)
Kanpur: झांसी जेल से इलाज के लिए कानपुर लाए गए एक विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान मौत के मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। 42 वर्षीय बंदी रिंकू यादव ने 18 सितंबर को जेके कैंसर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मामले की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय ज्योति शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार, झांसी के सीपरी बाजार निवासी रिंकू यादव पर हत्या के मामले में विचाराधीन बंदी था। जेल अधीक्षक राजेश पांडे के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या के आरोप के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
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जेल अधीक्षक के अनुसार, रिंकू यादव कैंसर से पीड़ित था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते उसे करीब एक महीने पहले झांसी जेल से इलाज के लिए कानपुर भेजा गया था। यहां उसका उपचार जेके कैंसर अस्पताल में चल रहा था।
इलाज के दौरान 18 सितंबर को रिंकू यादव की मौत हो गई। इसके बाद मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाना है।
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अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय ज्योति शर्मा ने बताया कि उन्हें मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रकरण से संबंधित किसी व्यक्ति के पास यदि कोई जानकारी, तथ्य या साक्ष्य है तो वह 15 दिनों के भीतर उनके कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात दर्ज करा सकता है।
मजिस्ट्रेटी जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बंदी की मौत से जुड़े परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से संबंधित आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
Location : Kanpur
Published : 4 October 2026, 4:50 PM IST