
गौशाला में गौवंशों के शव मिलने से हड़कंप (Image: Dynamite News)
Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की मोंठ नगर पंचायत की गौशाला से गौवंशों की बदहाल स्थिति का मामला सामने आया है। गौशाला के पीछे खुले मैदान में आधा दर्जन से अधिक गौवंशों के शव और अवशेष पड़े मिले। कुछ शव पानी और गंदगी के बीच सड़ रहे थे, जबकि कुछ के अवशेष आसपास बिखरे हुए थे। मौके पर कुत्तों के मृत गौवंशों के अवशेष नोचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। मामला सामने आने के बाद गौशाला की व्यवस्थाओं और गौवंशों की देखभाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मोंठ नगर पंचायत की गौशाला के पीछे खुले मैदान में गौवंशों के शव मिलने से वहां की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आई तस्वीरों में कुछ मृत गौवंश पानी के बीच पड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई जगह उनके अवशेष बिखरे हुए हैं। आरोप है कि समय पर शवों का निस्तारण नहीं किया गया, जिसके चलते कुत्ते उन्हें नोचकर खाते रहे। इस घटना ने गौशाला में साफ-सफाई, मृत पशुओं के निस्तारण और जीवित गौवंशों की देखभाल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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मामले की कवरेज के दौरान जब मीडिया की टीम गौशाला के पीछे पहुंची और वहां की स्थिति सामने आई तो नगर पंचायत की जेसीबी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद शवों को हटाने और दफनाने की कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई।
हालांकि, इस दौरान यह सवाल भी उठे कि गौवंशों की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? क्या उनकी मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया? शवों को दफनाने से पहले मौत के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं? इन सवालों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पानी में सड़ते मिले शव (Image: Dynamite News)
मीडिया टीम ने जब गौशाला में मौजूद जिम्मेदार कर्मचारियों से सवाल किए तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि देवेंद्र गुसांई ने कहा कि ये गौवंश नगर पंचायत के नहीं हैं।
हालांकि, उन्होंने मामले की जांच कराने और जांच में किसी की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके इस बयान के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि ये गौवंश नगर पंचायत के नहीं हैं तो उनकी पहचान और देखभाल की जिम्मेदारी किसकी थी?
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गौशाला के पीछे शव और अवशेष मिलने का मामला केवल मृत पशुओं के निस्तारण तक सीमित नहीं है। इसकी जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि गौवंशों की मौत कब हुई, उनकी मौत के पीछे क्या कारण थे और समय पर जिम्मेदारों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
फिलहाल नगर पंचायत प्रतिनिधि ने जांच का भरोसा दिया है, लेकिन जांच कब पूरी होगी और जिम्मेदारी किसकी तय होगी, यह स्पष्ट नहीं है। गौवंश संरक्षण के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही जरूरी है।
Location : Jhansi
Published : 5 November 2026, 7:40 PM IST