Budaun Double Murder Case: आरोपी पर फिर हुई कार्रवाई, प्रशासन ने उठाया ये बड़ा कदम

बदायूं में दोहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपी के अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकारी जमीन पर बोई गई 36 बीघा गेहूं की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया गया। इससे पहले आरोपी और उसके परिवार की अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया था।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 March 2026, 4:17 PM IST

Budaun: सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट में 12 मार्च को दिन-दहाड़े हुए दोहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपी और उसके परिवार के अवैध साम्राज्य पर शिकंजा कस दिया है। दुकानों पर बुलडोजर चलाने के बाद अब तहसील प्रशासन ने आरोपी द्वारा ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर बोई गई गेहूं की फसल को ट्रैक्टर से जोतकर नष्ट कर दिया।

36 बीघा फसल पर ट्रैक्टर

दातागंज तहसील प्रशासन की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू ने ग्राम समाज की 24 बीघा जमीन पर और उसके सहयोगियों ने 12 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी थी। कुल 36 बीघा (करीब 6 एकड़) अवैध कब्जे वाली फसल को हल्का लेखपाल हेम सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर जोत दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह जमीन सरकारी है और इस पर किसी भी प्रकार की खेती अवैध है।

गिराए गए अवैध निर्माण

इससे पहले एसडीएम दातागंज की मौजूदगी में आरोपी और उसके परिवार की अवैध दुकानों और मार्केट पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई में आरोपी की 6 दुकानें और उसके ताऊ और परिवार की 5-6 दुकानें समेत कुल 11-12 दुकानें ध्वस्त की गईं, जो सरकारी जमीन पर बिना अनुमति बनाई गई थीं। लोक निर्माण विभाग ने पहले नोटिस भी जारी किए थे। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार ने सैकड़ों बीघा सरकारी, ग्राम समाज, बंजर और तालाब की जमीन पर कब्जा कर मकान-दुकानें खड़ी कर रखी हैं। यदि गहन जांच हो तो और भी खुलासे हो सकते हैं।

बदायूं में HPCL हत्याकांड: दोस्ती, साजिश और मौत का खेल, ऐसे रची गई डबल मर्डर की साजिश

वारदात की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी

12 मार्च को प्लांट में घुसे हमलावर ने डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (40) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी अजय प्रताप सिंह पहले प्लांट में वेंडर और ऑपरेटर के तौर पर जुड़ा था, लेकिन अनियमितताओं के चलते उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी। वह फिलहाल जेल में है। इस केस में दो अन्य आरोपियों प्लांट कर्मी मुनेंद्र विक्रम सिंह उर्फ मोनू और आरोपी को प्लांट में एंट्री दिलाने वाले ड्राइवर धर्मेंद्र यादव को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका है।

प्लांट पर दबदबा और विवाद की जड़

स्थानीय रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि आरोपी के परिवार का प्लांट पर लंबे समय से दबदबा था। परिवार-रिश्तेदारों के करीब दो दर्जन लोग प्लांट से जुड़े बताए गए। आरोप है कि कुछ लोगों की सैलरी बिना काम पर आए भी निकाली जा रही थी और पराली से बनने वाली बायोगैस के बाद बचे कचरे से तैयार होने वाली जैविक खाद में भी हस्तक्षेप कर गड़बड़ी की गई। डीजीएम सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा ने इन अनियमितताओं पर नियंत्रण की कोशिश की, जिसके बाद आरोपी ने रंजिश पाल ली। यही रंजिश दोहरे हत्याकांड की वजह बनी।

प्रशासनिक फेरबदल और जांच

घटना के बाद शासन स्तर पर भी सख्त कदम उठे। एसएसपी बदायूं को हटाया गया। सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार पचौरी को डीजीपी कार्यालय से संबद्ध किया गया और राहुल पांडेय को नया सीओ नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री के आदेश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले कई बार पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, पर समय पर कार्रवाई नहीं हुई।

Location : 
  • Budaun

Published : 
  • 18 March 2026, 4:17 PM IST