Greater Noida Bus Fire: स्लीपर बस में सोने से पहले जरूर जान लें ये बातें, हादसे में बच सकती है जान

ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान खींचा है। रात में सफर के दौरान आग या धुआं फैलने पर बाहर निकलने का समय बेहद कम हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को इमरजेंसी एग्जिट, खिड़की और सुरक्षित निकास की जानकारी पहले से रखनी चाहिए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 September 2026, 12:26 PM IST

Greater Noida: स्लीपर बस से लंबी दूरी का सफर आरामदायक माना जाता है, लेकिन रात के समय यही सुविधा आपात स्थिति में परेशानी बढ़ा सकती है। यात्री अक्सर सफर के दौरान सो जाते हैं और ऐसे में अगर बस में अचानक आग लग जाए या धुआं भरने लगे तो बाहर निकलने के लिए बहुत कम समय मिल सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात स्लीपर बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर बसों में सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सतर्कता का मुद्दा सामने ला दिया है।

स्लीपर बस हादसे ने बढ़ाई चिंता

बताया गया कि बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्रियों ने समय रहते बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद यह समझना जरूरी है कि स्लीपर बस में यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में बाहर निकलने में ज्यादा समय न लगे।

सफर शुरू होते ही देखें मुख्य दरवाजा और इमरजेंसी एग्जिट

बस में अपनी सीट या स्लीपर बर्थ पर जाने के बाद सबसे पहले यह देख लें कि मुख्य दरवाजा किस तरफ है। इसके साथ ही इमरजेंसी एग्जिट, खिड़कियों और उपलब्ध एस्केप हैच की जानकारी भी रखें। सरकारी तकनीकी मानकों में संबंधित बसों में इमरजेंसी एग्जिट और एस्केप हैच जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का प्रावधान है। रात में सोने से पहले मोबाइल ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत उठाया जा सके।

आग लगे तो सामान लेने में समय न गंवाएं

अगर बस में आग लगने या धुआं भरने का पता चलता है तो सबसे पहले बाहर निकलने पर ध्यान दें। मोबाइल, बैग या दूसरे सामान को बचाने के लिए समय गंवाना खतरनाक हो सकता है। धुआं अधिक हो तो नीचे झुककर निकलने की कोशिश करें और जिस रास्ते से आग या धुआं आ रहा हो, उसकी बजाय दूसरा सुरक्षित निकास तलाशें।

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स्लीपर बस में दूसरा निकास जानना जरूरी

स्लीपर बस में यात्री ऊपर या अंदर की बर्थ पर सो रहे होते हैं। ऐसे में सामान्य दरवाजे तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यात्रा शुरू होने के बाद ही यह समझ लेना चाहिए कि आपात स्थिति में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता कौन-सा है। खिड़की और इमरजेंसी एग्जिट की स्थिति पहले से पता होना मददगार हो सकता है।

बस बुक करते समय सुरक्षा भी देखें

ऑनलाइन टिकट बुक करते समय केवल किराया और सीट देखकर बस का चुनाव न करें। संभव हो तो बस ऑपरेटर, वाहन की स्थिति और उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी भी लें। बस में कोई संदिग्ध ज्वलनशील सामान या खतरनाक वस्तु दिखाई दे तो तुरंत चालक या स्टाफ को इसकी जानकारी दें। कुछ सेकंड की सतर्कता आपात स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Location :  Greater Noida

Published :  24 September 2026, 12:26 PM IST