रात में कमरे से आई चीख, घरवालों ने देखा तो उड़ गए होश; सुबह तक मातम में बदल गई खुशियां

गोरखपुर के भरवल गांव में 22 वर्षीय शिवम को बिस्तर में छिपे सांप ने डस लिया। परिजन उसे सीएचसी सहजनवा ले गए, जहां उन्होंने उपचार में देरी और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। जिला अस्पताल ले जाते समय शिवम की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 August 2026, 4:21 PM IST

Gorakhpur : गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के भरवल गांव में सोमवार देर रात सर्पदंश से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी जय प्रकाश के पुत्र शिवम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिवम खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। इसी दौरान बिस्तर में पहले से छिपे सांप ने उसे डस लिया। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

रात करीब 11 बजे सांप ने डसा

जानकारी के मुताबिक, रात करीब 11 बजे शिवम को सांप ने डस लिया। सर्पदंश के बाद युवक ने शोर मचाया तो परिवार के लोग तुरंत उसके कमरे में पहुंचे। उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहजनवा लेकर पहुंचे।

परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पहुंचने के बाद शिवम को तत्काल उपचार नहीं मिल सका। उनका कहना है कि अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए जरूरी एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं होने की बात बताई गई। इसके बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़े।

जिला अस्पताल पहुंचने से पहले थम गई सांसें

परिजनों के मुताबिक, शिवम को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्वजन ने आरोप लगाया कि अगर सीएचसी में समय पर आवश्यक उपचार और दवा उपलब्ध हो जाती तो शिवम की जान बच सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश है। परिजनों ने सीएचसी की व्यवस्था और कथित उपचार में देरी की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सर्पदंश जैसे आपातकालीन मामलों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।

परिजनों ने जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल में सर्पदंश के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

इकलौता बेटा था शिवम

बताया जा रहा है कि शिवम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में जरूरी दवाओं और आपातकालीन उपचार की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सीएचसी में सर्पदंश के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।

Location :  Gorakhpur

Published :  11 August 2026, 4:21 PM IST