गोरखपुर में हत्या के मामले में बड़ा फैसला: मुख्य अभियुक्ता को आजीवन कारावास, दूसरी दोषी को मिली ये सजा

गोरखपुर के चर्चित हत्या मामले में अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने गंभीर अपराधों पर सख्त रुख का संकेत दिया है। मुख्य अभियुक्ता को उम्रकैद और दूसरी दोषी को जेल की सजा मिली है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 August 2026, 8:55 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर की अदालत ने वर्ष 2022 में शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य अभियुक्ता सुबीना खातून उर्फ शीबू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 1,100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं सह-अभियुक्ता शहनाज खातून को मारपीट और गाली-गलौज के मामले में दोषी मानते हुए छह माह के सश्रम कारावास और 600 रुपये के जुर्माने की सजा दी है।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मिली बड़ी सफलता

यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत हुई प्रभावी कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को समयबद्ध तरीके से सजा दिलाना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना शाहपुर के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने पूरे मुकदमे की लगातार निगरानी की।

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2022 में दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा

यह मामला वर्ष 2022 में थाना शाहपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 458/2022 से जुड़ा है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323 और 504 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य सबूत अदालत के सामने पेश किए गए। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे-2/गैंगस्टर एक्ट), गोरखपुर ने मुख्य अभियुक्ता को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

सह-अभियुक्ता को भी मिली सजा

अदालत ने सह-अभियुक्ता शहनाज खातून को हत्या का दोषी नहीं माना, लेकिन मारपीट और गाली-गलौज से जुड़े आरोपों में दोष सिद्ध होने पर छह माह के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट रूप से यह साबित करते हैं कि दोनों अभियुक्ताओं की भूमिका अलग-अलग थी, इसलिए उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत फैसला सुनाया गया।

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मजबूत पैरवी बनी फैसले की बड़ी वजह

इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। पुलिस विभाग ने भी उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत कानूनी दलीलों और साक्ष्यों की सही प्रस्तुति से अभियुक्ताओं के खिलाफ आरोप सिद्ध हो सके।

Location :  Gorakhpur

Published :  5 August 2026, 8:55 PM IST