दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन! राजस्व लिपिक से मारपीट पर भड़का कर्मचारी संघ, अधिवक्ता पर कार्रवाई की मांग

गोरखपुर की बांसगांव तहसील में राजस्व लिपिक से कथित मारपीट का मामला अब सिर्फ तहसील तक सीमित नहीं रहा। कर्मचारी संघ ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा और गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रशासन को दो दिन का समय दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 September 2026, 4:28 PM IST

Gorakhpur: बांसगांव तहसील में राजस्व लिपिक के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ शाखा गोरखपुर ने जिलाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी की ओर से अपर जिलाधिकारी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।

संघ ने कलेक्ट्रेट और तहसील परिसरों में अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई है।

क्या है पूरा मामला?

संघ के अनुसार बांसगांव तहसील में राजस्व लिपिक शिवनाथ मौर्य के साथ 21 सितंबर की शाम करीब चार बजे विवाद हुआ। तहसीलदार के यहां धारा 116 से संबंधित एक पत्रावली आई थी, जिसे डाक के माध्यम से भेजा गया था। तहसीलदार ने पत्रावली की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर अधिवक्ता राणा सिंह नाराज हो गए और राजस्व लिपिक से विवाद करने लगे।

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कर्मचारी का आरोप है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की। तहसील परिसर में जंगले के पास पकड़कर मारपीट किए जाने से वह घायल हो गए। आरोप है कि अधिवक्ता इस बात को लेकर नाराज थे कि उनकी फाइल दोबारा जांच के लिए क्यों भेजी गई।

कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों में फैला आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों में आक्रोश फैल गया। ज्ञापन में संघ ने कहा कि सरकारी कार्यालय में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी के साथ मारपीट गंभीर मामला है। किसी पत्रावली या आदेश को लेकर आपत्ति होने पर उसके समाधान के लिए विधिक प्रक्रिया उपलब्ध है, लेकिन कर्मचारी के साथ अभद्रता और मारपीट को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संघ ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग के साथ ही बार काउंसिल को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की मांग की है। ज्ञापन में संघ ने पूर्व में भी उक्त अधिवक्ता द्वारा तहसील के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं का उल्लेख किया है। संघ ने पूर्व नायब तहसीलदार दिग्विजय सिंह और आरके कार्यालय के कर्मचारियों के साथ कथित घटनाओं की भी जांच कराने की मांग की।

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कर्मचारी संघ ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी आंदोलन और कार्य बहिष्कार का निर्णय ले सकते हैं। संघ ने कहा कि कलेक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ा तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  22 September 2026, 4:28 PM IST