अंडा बेचकर पालते थे परिवार, जवान बेटे की अर्थी उठी तो चीख पड़ी मां; तीन मासूम बेटियों के सिर से उठा साया

अर्जुन यादव की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई? परिजनों और पुलिस के दावों में अंतर के बीच अब जांच से सामने आने वाले तथ्य अहम होंगे।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 16 September 2026, 8:51 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र के रुद्रपुर गांव निवासी अंडा बिरयानी कारोबारी अर्जुन यादव पुत्र स्वर्गीय सताई की रहस्यमय मौत के बाद पोस्टमार्टम से लौटे शव को देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। घर के आंगन में अपनों के बीच पड़ा अर्जुन का शव परिवार की उस पीड़ा को बयां कर रहा था, जिसे शब्दों में समेटना आसान नहीं है। एक बूढ़ी मां, दूसरी पत्नी और तीन नाबालिग बेटियों के सिर से परिवार का सहारा छिन जाने के बाद अब उनके भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

20 साल पहले पिता की मौत के बाद संभाली थी जिम्मेदारी

अर्जुन के निधन से परिवार के सामने सिर्फ अपनों को खोने का दुख नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी चलाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। अंडा बिरयानी का कारोबार कर परिवार का भरण-पोषण करने वाला अर्जुन ही घर की जिम्मेदारियों को संभालने वाला प्रमुख पुरुष था। करीब 20 वर्ष पूर्व पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी। समय के साथ उसने अपनी मां, पत्नी और बेटियों के जीवन को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अब उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को असहाय स्थिति में पहुंचा दिया है।

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तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

तीन मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। जिन बच्चों की परवरिश, पढ़ाई और भविष्य की चिंता एक पिता करता है, उनके सामने अब जीवन का कठिन रास्ता है। बूढ़ी मां के लिए बेटे को खोने का दर्द अलग है तो परिवार के अन्य सदस्यों के सामने आर्थिक संकट की चिंता भी बनी हुई है। घर में अर्जुन की जगह अब कौन लेगा और इन बच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा, यह सवाल हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर रहा है।

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मौत की वजह को लेकर दो अलग-अलग दावे

अर्जुन की मौत को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों की ओर से पुलिस कार्रवाई के दौरान पिटाई से हालत बिगड़ने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं पुलिस की ओर से मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद गिरने से हालत बिगड़ने की बात बताई जा रही है। दोनों पक्षों के दावों के बीच मौत की वास्तविक वजह को लेकर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट तथ्यों की आवश्यकता है।

अर्जुन की मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अब जरूरत इस बात की है कि मामले की सच्चाई सामने आए और बूढ़ी मां तथा तीनों नाबालिग बेटियों के भविष्य को लेकर जिम्मेदार तंत्र संवेदनशीलता के साथ कदम उठाए।

Location :  Gorakhpur

Published :  16 September 2026, 8:51 PM IST