
गाजियाबाद तनिष्क चोरी कांड का खुलासा (img: Ghaziabad police/X)
Ghaziabad: गाजियाबाद के आरडीसी इलाके में स्थित तनिष्क शोरूम से हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। लेकिन इस हाईप्रोफाइल चोरी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं बल्कि शोरूम का ही सेल्समैन निकला। कविनगर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी नितिन वर्मा, उसके पिता संजय वर्मा और नितिन की प्रेमिका काजल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 3.16 करोड़ रुपये कीमत के सोने के आभूषण और साढ़े छह लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि 12 जून को तनिष्क शोरूम से करीब 4.55 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी की सूचना मिली थी। मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि चोरी के पीछे शोरूम के अंदर की जानकारी रखने वाला व्यक्ति ही शामिल है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नितिन वर्मा पहले से सर्राफ का काम करता था। वह मोदीनगर, कानपुर और गाजियाबाद की कई ज्वेलरी दुकानों में जेवर साफ करने और गलाने का काम कर चुका था। नितिन ने चोरी की पूरी प्लानिंग के साथ 5 मई को तनिष्क शोरूम में सेल्समैन की नौकरी शुरू की थी। करीब एक महीने तक उसने शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की दिनचर्या और गहनों को रखने की जगह की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद उसने अपने साथी चितरंजन उर्फ चिंटू के साथ मिलकर करोड़ों की चोरी की योजना बनाई।
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पुलिस के मुताबिक चोरी से एक दिन पहले यानी 11 जून की रात नितिन ने शोरूम के कैशियर गौतम राज, सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मचारियों को अपनी शादी तय होने की बात बताकर पार्टी दी। इस दौरान सभी को जमकर शराब पिलाई गई। मौका देखकर नितिन ने कैशियर की जेब से शोरूम की चाबी चोरी कर ली। यही चाबी उसके लिए करोड़ों की चोरी का रास्ता खोलने वाली थी।
12 जून की सुबह करीब 7 बजे नितिन अपने साथी चितरंजन के साथ पहले संतोष अस्पताल पहुंचा। वहां से दोनों ने कैब ली और शोरूम से कुछ दूरी पहले उतर गए। इसके बाद दोनों पैदल शोरूम पहुंचे। नितिन ने चाबी से शटर खोला और अंदर चला गया, जबकि चितरंजन बाहर निगरानी करता रहा। करीब 25 मिनट के अंदर नितिन ने पहली मंजिल पर रखे करीब 3 किलो सोने के आभूषण बैग में भरे और दोनों वहां से फरार हो गए। पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।
चोरी के बाद दोनों मोदीनगर पहुंचे। यहां नितिन ने अपने पिता संजय वर्मा को बुलाया और कुछ गहने उसे सौंप दिए। उसने पिता को निर्देश दिया कि गहने घर पर न रखें। संजय वर्मा कुछ ज्वेलरी लेकर अपनी साली के घर पहुंचा और वहां बैग रखवा दिया। पुलिस ने समय रहते संजय वर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उसके बताए स्थान से चोरी किए गए गहनों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया।
वारदात के बाद नितिन और चितरंजन अपनी-अपनी प्रेमिकाओं के साथ फरार हो गए। सभी ऋषिकेश पहुंचे। यहीं नितिन ने एक राहगीर के मोबाइल फोन से अपनी प्रेमिका काजल को कॉल किया। पुलिस ने इसी कॉल को ट्रेस कर लिया। लोकेशन के आधार पर पुलिस ऋषिकेश पहुंची और नितिन व काजल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही चितरंजन अपनी प्रेमिका सानिया के साथ फरार हो गया। उसकी आखिरी लोकेशन कानपुर मिली है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नितिन और चितरंजन अपनी-अपनी प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की योजना बना रहे थे। दोनों का इरादा चोरी के बाद विदेश भागने का भी था। पुलिस अब फरार आरोपी चितरंजन और सानिया की तलाश कर रही है। दोनों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में बरामद ज्वेलरी की कीमत करीब 3.16 करोड़ रुपये है। बाकी गहनों की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस पूरे खुलासे में स्वॉट टीम की भूमिका अहम रही, जिसके लिए टीम को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।
Location : Ghaziabad
Published : 17 June 2026, 2:29 PM IST