
पिंक बूथ (Img: Dynamite News)
Ghaziabad: महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए पिंक बूथ की व्यवस्था गाजियाबाद में सवालों के घेरे में आ गई है। संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर एक 25 वर्षीय युवक खून से लथपथ हालत में काफी देर तक तड़पता रहा, लेकिन उसे समय पर मदद नहीं मिल सकी। बाद में अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान बिहार के सीवान निवासी राजकुमार (25) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सोमवार को उसका एक ऑटो चालक से किराए को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद वह शिकायत लेकर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पहुंचा। जिससे पुलिस से मदद मिल सके। आरोप है कि बूथ का मुख्य गेट अंदर से बंद था। इसके बाद युवक दूसरे गेट से अंदर जाने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे अंदर नहीं जाने दिया गया।
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परिजनों का आरोप है कि अंदर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने गेट नहीं खोला। इसी दौरान युवक ने शीशे के गेट पर हाथ मारा, जिससे कांच टूट गया और उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई। कांच हाथ में घुसने से वह बुरी तरह घायल हो गया और काफी खून बहने लगा। घायल युवक सड़क पर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन काफी देर तक उसे तत्काल इलाज नहीं मिल सका।
परिजनों का कहना है कि युवक करीब 30 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा। बाद में चौकी पर तैनात एक दरोगा ने एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद उन महिला पुलिसकर्मियों पर सवाल खड़ा हो रहा है, जिनकी वजह से युवक घायल हुआ और मौत के मुंह में समा गया।
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इस घटना के बाद डायल-112 की तत्काल रेस्पॉन्स प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस या एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
Location : Ghaziabad
Published : 14 July 2026, 1:29 PM IST
Topics : ghaziabad news Pink Booth Incident UP News