दहेज हत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों को उम्रकैद; 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी

देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव से जुड़े दहेज हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 की अदालत ने दो अभियुक्तों रितेश मध्देशिया और देवंती को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 10 September 2026, 7:58 PM IST

Deoria: शादी के बाद दहेज को लेकर महिला के साथ हुई प्रताड़ना और उसकी मौत के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव से जुड़े दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला देवरिया पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद आया है।

तरकुलवा के बंजरिया गांव से जुड़ा है मामला

पूरा मामला देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव का है। इस मामले में थाना तरकुलवा में मुकदमा अपराध संख्या 203/2021 दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मामले में रितेश मध्देशिया पुत्र मदन और देवंती पत्नी मदन, निवासी बंजरिया, थाना तरकुलवा, जनपद देवरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी, 323, 504, 506, 498ए और 316 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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अदालत ने दोनों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट-1, देवरिया की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अदालत ने रितेश मध्देशिया और देवंती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस की पैरवी

देवरिया पुलिस की ओर से न्यायालय में लंबित गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में दहेज हत्या से जुड़े इस मामले में भी पुलिस की ओर से लगातार पैरवी की गई। पुलिस की पैरवी और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई के बाद अदालत ने मामले में दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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इन लोगों की रही अहम भूमिका

अभियोजन की प्रभावी पैरवी में कई पुलिसकर्मियों और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों का योगदान रहा। पुलिस के अनुसार, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) श्रीधर तिवारी ने अदालत में अभियोजन पक्ष की पैरवी की। इसके अलावा कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल नीरज कुमार चौधरी, महिला कांस्टेबल स्वाती सिंह, थाना तरकुलवा के पैरवीकार आरक्षी अजय यादव और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी दुर्गेश कुमार सिंह की भी मामले की पैरवी में भूमिका रही।

Location :  Deoria

Published :  10 September 2026, 7:58 PM IST