“चिंता मत करो, बहनों की शादी मैं करवाऊंगा…” रक्षा बंधन से पहले टूटा भाई का वचन, देवरिया के अभिषेक की मौत

Deoria News: रूस-यूक्रेन युद्ध की बमबारी में घायल 22 वर्षीय अभिषेक निषाद की मौत हो गई। करीब एक महीने बाद उसका पार्थिव शरीर देवरिया के करमेल गांव पहुंचा तो परिवार और ग्रामीणों में मातम छा गया। परिजनों ने सरकार से नौकरी, आर्थिक सहायता और अभिषेक को शहीद का दर्जा देने की मांग की।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 August 2026, 1:33 PM IST

Deoria: रूस-यूक्रेन युद्ध की बमबारी ने देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी 22 वर्षीय अभिषेक निषाद के परिवार की खुशियां छीन लीं। विदेश में काम कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बहनों की शादी का सपना देखने वाला अभिषेक अब इस दुनिया में नहीं रहा। करीब एक महीने बाद 24 अगस्त 2026 को उसका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम पसर गया।

परिवार की जिम्मेदारी उठाने विदेश गया था अभिषेक

अभिषेक के पिता कौशल निषाद किसान-मजदूर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए अभिषेक कम उम्र में ही विदेश चला गया था। बताया गया कि वह यूक्रेन में चालक के तौर पर काम कर रहा था और एक पानी वाले जहाज पर ड्यूटी करता था।

इसी दौरान युद्ध प्रभावित क्षेत्र में हुई बमबारी में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता, बहनों और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता कौशल निषाद ने भावुक होकर बताया कि अभिषेक उनके परिवार का सहारा और बेहतर भविष्य की उम्मीद था।

उन्होंने कहा कि बेटे के जाने से परिवार के सामने अब आर्थिक संकट और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी जैसी बड़ी चिंताएं खड़ी हो गई हैं।

पार्थिव शरीर पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब

सोमवार को अभिषेक का पार्थिव शरीर जब करमेल गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिवार के घर पर लगातार लोगों की भीड़ जुटती रही और हर कोई परिजनों को ढांढस बंधाता नजर आया।

युवाओं ने अभिषेक के सम्मान में नारे भी लगाए। पुलिस की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

अधिकारियों ने परिवार से की मुलाकात

घटना की जानकारी के बाद जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर जानकारी ली थी। सोमवार को एसडीएम देवरिया सदर भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।

वहीं रुद्रपुर तहसील प्रशासन के अधिकारी, एसडीएम रुद्रपुर जितेंद्र गुप्ता और तहसीलदार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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परिवार ने सरकार से मदद की मांग की

अभिषेक के पिता ने सरकार से परिवार की मदद की मांग की है। उन्होंने अपनी बेटी को सरकारी नौकरी देने, अभिषेक को शहीद का दर्जा देने और परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी है, ताकि बेटियों की शादी और परिवार के भरण-पोषण में मदद मिल सके।

अभिषेक की मौत से करमेल ही नहीं, आसपास के कई गांवों में भी शोक की लहर है। परिवार के लिए यह हादसा एक ऐसे सपने का अंत है, जिसे 22 वर्षीय अभिषेक अपने संघर्ष से पूरा करना चाहता था।

Location :  Deoria

Published :  24 August 2026, 1:33 PM IST