कातिल समझते थे कि कोई सुराग नहीं बचा लेकिन फिर कलाई के उस ‘एक टैटू’ ने खोल दी दिल्ली हत्याकांड की पूरी खौफनाक दास्तान

दिल्ली के स्वरूप नगर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस एक बड़ा कानूनी कदम उठाने जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस तीनों नाबालिग आरोपियों पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने के लिए किशोर न्याय बोर्ड में आवेदन करने पर विचार कर रही है, जिससे उन्हें सख्त सजा मिल सके।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 September 2026, 5:01 PM IST

New Delhi: दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में शामिल तीन नाबालिग आरोपियों को लेकर पुलिस एक अहम कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें वयस्क आरोपियों की तरह मुकदमे का सामना कराने के लिए किशोर न्याय बोर्ड के सामने आवेदन देने पर विचार किया जा रहा है।

तीन नाबालिगों पर वयस्क की तरह केस की तैयारी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक मामले में 16 और 17 साल की उम्र के तीन नाबालिग आरोपी पकड़े गए हैं। इनके साथ 19 वर्षीय एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए तीनों नाबालिगों के खिलाफ वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए संबंधित किशोर न्याय बोर्ड का रुख किया जा सकता है।

पुलिस का कहना है कि जांच को जल्द पूरा कर करीब एक सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। हालांकि, नाबालिगों पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

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उम्र तय करने के लिए बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट पर विचार

जांच के दौरान आरोपियों की उम्र को लेकर दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उम्र की पुष्टि के लिए बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट कराने पर भी विचार किया जा रहा है। पीड़िता की उम्र को लेकर भी पुलिस अतिरिक्त पुष्टि करना चाहती है। रिपोर्टों के मुताबिक उसके परिवार के पास जन्म या स्कूल से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके हैं। ऐसे में उसकी उम्र निर्धारित करने के लिए भी ऑसिफिकेशन टेस्ट कराया जा सकता है।

टैटू से हुई पीड़िता की पहचान

मामले की जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शुरुआत में शव की पहचान को लेकर थी। पुलिस के अनुसार शव की हालत खराब होने के कारण पहचान करना मुश्किल था।जांच के दौरान पीड़िता के हाथ पर बने टैटू ने अहम सुराग दिया। परिवार से मिली तस्वीरों के आधार पर टैटू की पहचान की गई, जिसके बाद पुलिस पीड़िता तक पहुंच सकी।

CCTV से टेंपो तक पहुंची पुलिस

पुलिस जांच में आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज अहम साबित हुई। अधिकारियों ने कई कैमरों की फुटेज खंगाली और घटनास्थल के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमते एक टेंपो को चिन्हित किया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाश शुरू की। जांच के दौरान टेंपो को ट्रेस कर उसके चालक से पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने दो चाकू और आरोपियों के कथित तौर पर वारदात के समय पहने कपड़े भी बरामद किए हैं।

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शिकायत के डर से हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता आरोपियों में से एक को जानती थी और उससे मिलने गई थी। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद अन्य युवक भी वहां पहुंचे और सभी टेंपो में सवार हुए। जांच एजेंसियों के अनुसार, यौन अपराध के बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत करने की बात कही थी। इसके बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया। पुलिस इन सभी तथ्यों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की अलग-अलग पुष्टि कर रही है।

महिला सुरक्षा को लेकर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने घटना का उल्लेख करते हुए महिलाओं के खिलाफ हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस बीच पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का लक्ष्य जांच को जल्द पूरा कर अदालत में चार्जशीट दाखिल करना है।

Location :  New Delhi

Published :  20 September 2026, 5:01 PM IST