Delhi Fire Tragedy: बंद दरवाजा, धुएं का जाल और आखिरी कोशिश… 8 साल की बच्ची दरवाजे तक पहुंची, लेकिन जिंदगी हार गई

दिल्ली के लोधी कॉलोनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में मां और दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि 8 वर्षीय बच्ची ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन धुएं और आग के कारण वह बच नहीं सकी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 22 July 2026, 9:54 AM IST

New Delhi: दिल्ली की लोधी कॉलोनी स्थित बीके दत्त कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर दिया। तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कमरा धुएं से भर गया और कुछ ही मिनटों में मां और उसकी दो मासूम बेटियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। शुरुआती जांच में आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस अन्य सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।

दरवाजे तक पहुंची मासूम, लेकिन बाहर नहीं निकल सकी

पुलिस की शुरुआती जांच में सबसे दर्दनाक पहलू सामने आया। आठ वर्षीय मिहिका का शव कमरे के दरवाजे के पास मिला, जिससे आशंका है कि उसने आखिरी समय में कमरे से बाहर निकलने की पूरी कोशिश की थी। वहीं उसकी मां आकांक्षा (40) और बड़ी बहन आराध्या (12) के शव बिस्तर के पास मिले। इससे माना जा रहा है कि जहरीले धुएं और तेज लपटों ने उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया।

पड़ोसियों ने देखा धुआं, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर

सुबह करीब 10:26 बजे पड़ोसियों ने तीसरी मंजिल से धुआं निकलते देखा और तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी मशक्कत के बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। आग में कमरे का फर्नीचर, एसी और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

दूसरी मंजिल पर थे पति और सास

हैरानी की बात यह रही कि जिस समय तीसरी मंजिल पर आग लगी, उसी मकान की दूसरी मंजिल पर आकांक्षा के पति मोहित शर्मा और उनकी मां मौजूद थे। धुएं का पता चलने तक आग काफी फैल चुकी थी। दोनों पेशे से वकील हैं। फोरेंसिक और क्राइम टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

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मानसिक स्वास्थ्य और हादसे की जांच

जांच में सामने आया है कि आकांक्षा वर्ष 2020 से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं। इलाज के दौरान उनकी स्थिति सामान्य रहती थी, लेकिन उपचार रुकने पर वह अक्सर अकेले रहना पसंद करती थीं। पुलिस इस तथ्य को भी जांच का हिस्सा मानते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कमरे की स्थिति क्या थी और आग किस तरह इतनी तेजी से फैली।

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दिल्ली में लगातार बढ़ रहे आग के हादसे

दमकल विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक आग की घटनाओं में 68 लोगों की जान जा चुकी है। अधिकांश मामलों में शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर वायरिंग की जांच, स्मोक अलार्म और अग्नि सुरक्षा उपकरणों का उपयोग ऐसे हादसों को काफी हद तक रोक सकता है।

Location :  Delhi

Published :  22 July 2026, 9:54 AM IST