‘25 हजार की मांग से 19 हजार की ‘डील’ तक’, डीएम की एंट्री ने चंदौली अस्पताल के कथित रुपयों के खेल का खोला राज

चंदौली जिला अस्पताल से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। मरीज के इलाज को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 September 2026, 12:57 PM IST

Chandauli: चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज से जुड़े जिला अस्पताल में मरीज के ऑपरेशन के नाम पर कथित तौर पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले 25 हजार रुपये की मांग की गई और बातचीत के बाद 19 हजार रुपये में मामला तय हुआ। परिजनों के मुताबिक ऑनलाइन भुगतान के बाद इलाज शुरू किया गया। डीएम के औचक निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने पर रुपये वापस कराए गए।

ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

चंदौली जिला अस्पताल के आर्थो विभाग में मरीज के इलाज को लेकर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, प्रेम चौहान नामक मरीज के ऑपरेशन के लिए उसके परिजनों से कथित तौर पर 25 हजार रुपये की मांग की गई।

मरीज के ऑपरेशन के लिए रिश्वत दिए पैसे का स्क्रीनशॉट (Img: Dynamite News)

परिजनों का आरोप है कि रकम की मांग सीधे चिकित्सक की ओर से नहीं, बल्कि मनीष चौहान नाम के कथित दलाल के माध्यम से की गई। बातचीत और रकम को लेकर मोलभाव के बाद कथित तौर पर 19 हजार रुपये में बात तय हुई।

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ऑनलाइन ट्रांसफर के बाद शुरू हुआ इलाज

मरीज के परिजनों के अनुसार, तय रकम के तहत 19 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। उनका दावा है कि भुगतान होने के बाद मरीज का इलाज शुरू किया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे लिए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चंदौली के मेडिकल कॉलेज में रिश्वत का मामला (Img: Dynamite News)

डीएम के औचक निरीक्षण में खुला मामला

बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर यह मामला सामने आया। निरीक्षण के दौरान जब अधिकारियों को मरीज के परिजनों से पैसे लिए जाने की जानकारी मिली तो प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएम के सख्त रुख के बाद मरीज के परिजनों को 19 हजार रुपये वापस कराए गए। रुपये वापस होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उठे सवाल

चंदौली जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार को लेकर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू ने भी अस्पताल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया था। उनकी ओर से लगाए गए आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर पांच सदस्यीय अधिकारियों की टीम मामले की जांच कर रही है। टीम अस्पताल में लगाए गए आरोपों और संबंधित मामलों की जांच-पड़ताल कर रही है।

चंदौली के मेडिकल कॉलेज में रिश्वत का मामला (Img: Dynamite News)

जांच के बीच नए मामले से मचा हड़कंप

पुराने आरोपों की जांच अभी चल ही रही थी कि आर्थो विभाग में मरीज के ऑपरेशन के नाम पर रकम मांगने का नया मामला सामने आने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। डीएम के निरीक्षण में मामला सामने आने और रकम वापस कराए जाने के बावजूद अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कब और क्या कार्रवाई होगी।

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निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

मरीज के तीमारदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों से किसी भी तरह की अतिरिक्त रकम नहीं ली जानी चाहिए।

अब पांच सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि पैसे मांगने और लेने के आरोपों में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या रही।

Location :  Chandauli

Published :  4 September 2026, 12:57 PM IST