
बिजली को लेकर भाकियू का बड़ा ऐलान (IMG: Dynamite News)
Deoria: देवरिया में बिजली की समस्याओं को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। ग्रामीण इलाकों में जर्जर बिजली के तार, बार-बार खराब हो रहे ट्रांसफार्मर, बिजली बिलों में गड़बड़ी और नए विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में देरी जैसे मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। भाकियू ने इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 25 सितंबर को विद्युत वितरण मंडल देवरिया के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर किसान पंचायत करने का ऐलान किया है।
भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष और किसान नेता विनय सिंह सैंथवार ने कहा कि बरियारपुर विद्युत उपकेंद्र के गोरया फीडर से जुड़े शिधुआ क्षेत्र में लंबे समय से नए विद्युत उपकेंद्र की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भाकियू के प्रयास और रामपुर कारखाना विधायक की पहल के बाद बिजली विभाग गोरखपुर की टीम ने शिधुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में ग्रामसभा की खाली जमीन का सर्वे भी किया था। इसके बावजूद अभी तक उपकेंद्र के निर्माण को शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल सकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के जर्जर और नंगे तार भी भाकियू के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। संगठन का कहना है कि कई जगह पुराने तार अब भी लगे हुए हैं, जो आए दिन टूटने के साथ हादसों का खतरा पैदा करते हैं। विनय सिंह सैंथवार ने मांग की कि जर्जर नंगे तारों को हटाकर उनकी जगह सुरक्षित केबल लगाए जाएं। इसके अलावा जिन गांवों के बीच से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से एलटी लाइन की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण शाही उर्फ बड़े शाही ने दावा किया कि जिले के 50 प्रतिशत से अधिक गांवों में एलटी लाइन के नंगे तार अभी तक नहीं बदले गए हैं। उनका कहना है कि जर्जर तारों के बार-बार टूटने से ग्रामीणों को परेशानी होती है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती रहती है। उन्होंने बिजली विभाग से पुराने तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने की मांग की।
बिजली व्यवस्था को लेकर भाकियू ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया है। जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण शाही के मुताबिक, कई गांवों में 10, 25, 63, 100 और 250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे हैं। संगठन का आरोप है कि ओवरलोड होने के कारण कई ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाते हैं। इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। भाकियू ने ऐसे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
भाकियू ने बिजली बिलों में लगातार सामने आ रही कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया है। जिला कोषाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह ने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में सुधार कराने के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि बिलों की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।
भाकियू पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर विद्युत समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 25 सितंबर की किसान पंचायत में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन ने दावा किया है कि पंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। अब प्रशासन और बिजली विभाग के सामने चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों की इन समस्याओं के समाधान की है।
Location : Deoria
Published : 9 September 2026, 6:57 PM IST
Topics : Bhartiya Kisan Union Deoria Electricity Problem Deoria News Electricity department farmer protest