
गोरखपुर में मेडिकल माफिया पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर : गोरखपुर पुलिस ने मरीजों को झांसे में लेकर अवैध अस्पतालों में भर्ती कराने और लाखों रुपये की उगाही करने वाले मेडिकल माफिया के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गोरखपुर राज करन नैय्यर के निर्देश पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने गैंग लीडर मनोज कुमार निगम सहित 12 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस गिरोह ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को भर्ती होने से रोककर निजी अस्पतालों में ले जाकर ठगी का गोरखधंधा चला रखा था, जिसमें एक मरीज की मौत का सनसनीखेज मामला भी सामने आया है।
डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट अनुसार 17 फरवरी 2024 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और उप मुख्य चिकित्साधिकारी की जांच में रुस्तमपुर रोड, पैडलेगंज स्थित ईशू हॉस्पिटल में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, केवल पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों का इलाज कर रहा था। अस्पताल रेनू यादव द्वारा संचालित था और डॉ. रणंजय प्रताप सिंह के नाम पर पंजीकृत था। मरीजों के परिजनों ने बताया कि उनके मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं की कमी का डर दिखाकर इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने बार-बार डॉक्टर की मांग की, लेकिन अस्पताल संचालक रेनू, उनके पति नितिन यादव और भाई अमन यादव स्वयं मरीज को देख रहे थे। कोई चिकित्सकीय सुविधा नहीं होने के कारण मरीज की मृत्यु हो गई। इसके बावजूद, मृतक के मुंह में ऑक्सीजन मास्क लगाकर उसे जीवित बताकर लाखों रुपये वसूले गए। अन्य दो मरीजों से भी दवाओं और इंजेक्शनों के नाम पर मोटी रकम ऐंठी गई।
निजी एम्बुलेंस से ठगीपुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के बाहर सक्रिय रहता था। जैसे ही मरीज सरकारी एम्बुलेंस से उतरता, दलाल उसे घेर लेते और सुविधाओं की कमी का डर दिखाकर निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए बरगलाते। इसके बाद निजी एम्बुलेंस गैंग मरीज को अपने वाहनों से ले जाता और अस्पताल संचालकों को मोटी रकम (10-25 हजार रुपये) देकर मरीज भर्ती करवाता। अस्पताल में मरीजों से इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूले जाते, जबकि कोई मानक सुविधा उपलब्ध नहीं थी।गैंग के सरगना और सदस्यगैंग का सरगना मनोज कुमार निगम है, जिसके साथ 11 अन्य सदस्यों पर कार्रवाई की गई है। इनमें शामिल हैं:डॉ. रणंजय प्रताप सिंहअमन यादव उर्फ मोनू यादवदिनेश कुमारदीपूइन्द्रजीतसार्थक श्रीवास्तवदीपक गुप्ता उर्फ दीपूनितिन यादव उर्फ सोनूअजीतअजयरेनू यादवआपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाईमनोज कुमार निगम सहित कई सदस्यों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें धोखाधड़ी, उगाही, और हिंसा से संबंधित मामले शामिल हैं।
एसएसपी गोरखपुर राज करन नैयर के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी कैंट के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह के संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई से जनता में राहत की लहर है, क्योंकि यह गैंग मरीजों और उनके परिजनों के साथ ठगी कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा था।
Location : Gorakhpur
Published : 27 May 2025, 7:45 AM IST