आखिर क्यों फटती हैं मेंथा तेल निकालने वाली टंकियां? बाराबंकी की घटना ने बढ़ाई चिंता

बाराबंकी के एक गांव में मेंथा तेल निकालने के दौरान हुए अचानक हादसे ने सभी को हैरान कर दिया है। धमाके के बाद कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें दो की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। आखिर टंकी में ऐसा क्या हुआ कि खुशियों के बीच मातम जैसा माहौल बन गया?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 June 2026, 3:20 PM IST

Barabanki: बाराबंकी के देवा क्षेत्र के हाजीहार गांव उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेत के किनारे लगी मेंथा तेल निकालने वाली टंकी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। हादसा इतना भीषण था कि आसपास मौजूद लोग खौलते पानी और गर्म पदार्थ की चपेट में आ गए। घटना में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें एक युवती और एक किशोरी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

युवती और किशोरी की हालत नाजुक

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राममिलन यादव के खेत के पास स्थापित मेंथा टंकी से तेल निकाला जा रहा था। इसी दौरान टंकी में अचानक विस्फोट हो गया। हादसे में राममिलन यादव के पुत्र सत्यम (14), धर्मेंद्र (24), पुत्री नेहा (22) और गांव के पवन की पत्नी रुक्मिणी (40) व पुत्री रिमझिम (12) गंभीर रूप से झुलस गए।

सभी घायलों को पहले लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में नेहा और रिमझिम की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार दोनों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि अन्य तीन घायलों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

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गांव में पसरा सन्नाटा

हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के घरों में मातम जैसा माहौल है। परिजन और रिश्तेदार घायल सदस्यों के इलाज के लिए लखनऊ में मौजूद हैं। गांव में भी घटना को लेकर चिंता और दुख का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुए विस्फोट ने सभी को डरा दिया है।

आखिर क्यों फटती हैं मेंथा तेल निकालने वाली टंकियां?

विशेषज्ञों के अनुसार मेंथा तेल निकालने की प्रक्रिया में भाप का उपयोग किया जाता है। जब भाप निकालने वाली पाइप में मेंथा की पत्तियां या अन्य पदार्थ फंस जाते हैं, तो टंकी के भीतर दबाव तेजी से बढ़ने लगता है। अगर टंकी कमजोर, पुरानी या तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं है तो विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।

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देवा थाना प्रभारी आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अत्यधिक भाप का दबाव हादसे का कारण सामने आया है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

किसानों के लिए जरूरी सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि मेंथा टंकियों में प्रेशर गेज और सेफ्टी वाल्व जरूर लगवाना चाहिए। साथ ही तेल निकालने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पाइपों की अच्छी तरह सफाई करना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की रुकावट न हो। समय-समय पर टंकियों की जांच और मरम्मत भी बड़े हादसों को रोक सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मेंथा खेती किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी-कभी ऐसे दर्दनाक हादसों का कारण बन जाती है।

Location :  Barabanki

Published :  12 June 2026, 3:20 PM IST