“अब ताला लगाने से क्या लौटेगी वो किलकारी?” नवजात की बलि के बाद नोवा अस्पताल सील, संचालकों पर केस

बलरामपुर के बालागंज स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच की। अस्पताल बिना वैध पंजीकरण और मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस संचालित मिला। संचालकों पर एलोपैथिक इलाज करने का आरोप भी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 August 2026, 7:05 PM IST

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के बालागंज (जोकिया) स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई घोर लापरवाही ने एक नवजात की जान ले ली। घटना के बाद उठे जनाक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे व स्थानीय प्रशासन ने त्वरित एवं सख्त कदम उठाया है। जांच में अस्पताल के अवैध संचालन और चिकित्सीय नियमों के खुले उल्लंघन का पर्दाफाश होने पर प्रशासनिक टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है, वहीं पुलिस ने दो संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

प्रसव के बाद स्वस्थ था नवजात

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरैया थाना क्षेत्र के ग्राम कौनिया निवासी अंकित कुमार यादव ने अपनी 24 वर्षीया पत्नी खुशबू यादव को 13 अगस्त को प्रसव के लिए नोवा अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसव के उपरांत नवजात पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ था। हालांकि, 15 अगस्त की सुबह लगभग 10 बजे जब अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्चे को ड्रिप लगाई, तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे अन्यत्र ले जाने की सलाह दी, परंतु रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

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परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

​घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनाक्षी चौधरी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल का संचालन बिना किसी वैध पंजीकरण के किया जा रहा था। इतना ही नहीं, परिसर में चल रहा मेडिकल स्टोर भी बिना किसी वैध लाइसेंस के चालू पाया गया।

BAMS डिग्रीधारी संचालकों पर एलोपैथिक इलाज का आरोप

​जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह निकला कि अस्पताल संचालक डॉ. उबैदुर रहमान निवासी बलिया और डॉ. नीतू मिश्रा निवासी बलरामपुर के पास केवल आयुर्वेदिक बीएएमएस की डिग्री थी, लेकिन वे मरीजों का एलोपैथिक पद्धति से इलाज कर रहे थे।

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प्रशासन ने अस्पताल किया सील

​अनियमितताओं और गैर-कानूनी संचालन को देखते हुए एसडीएम सदर एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल परिसर को पूरी तरह सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. मीनाक्षी चौधरी की लिखित तहरीर के आधार पर हरैया पुलिस ने दोनों संचालकों के विरुद्ध राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रकरण की गहराई से विवेचना की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Balrampur

Published :  17 August 2026, 7:05 PM IST