
बच्ची की मौत के बाद परिवार ने छोड़ा घर (Img: Dynamite News)
Balrampur: धार्मिक जुलूस के दौरान तेज आवाज में बज रहे डीजे के बाद कक्षा सात की छात्रा वैष्णवी तिवारी की तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान मौत की घटना ने बलरामपुर को झकझोर दिया है। बच्ची की मौत के बाद परिवार इतना टूट गया कि जिस शहर में वे उसकी पढ़ाई के लिए किराए के मकान में रह रहे थे, उसी घर को छोड़कर पैतृक गांव लौट गए।
परिवार के लिए यह सिर्फ एक बच्ची को खोने का दुख नहीं है, बल्कि उस घर और शहर से जुड़ी यादों को पीछे छोड़ने का फैसला भी है, जहां उन्होंने उसके बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली नगर क्षेत्र में धार्मिक जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बज रहा था। इसी दौरान वैष्णवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, बच्ची की मौत का चिकित्सीय कारण क्या था और डीजे की तेज आवाज का उससे कितना संबंध था, यह अभी जांच का विषय है। इसी कड़ी को स्पष्ट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष कमेटी गठित की गई है।
कमेटी मामले से जुड़े चिकित्सीय पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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वैष्णवी के परिवार के लिए घटना का सदमा इतना गहरा रहा कि उन्होंने बलरामपुर में रहना ही छोड़ दिया। बच्ची की पढ़ाई के लिए परिवार यहां किराए के मकान में रह रहा था, लेकिन मासूम की मौत के बाद परिवार पैतृक गांव लौट गया।
घटना के बाद उच्च न्यायालय ने भी ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि नियम और कानून मौजूद होने के बावजूद ध्वनि प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है। अदालत ने प्रशासन को नियमों के पालन के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने और उल्लंघन करने वालों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी ध्वनि प्रदूषण को लेकर कार्रवाई की जरूरत और स्पष्ट हुई है।
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घटना के बाद जिला प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों, शोभायात्राओं और जुलूसों में अत्यधिक ध्वनि पैदा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बढ़ाई है। प्रशासन की ओर से नई एसओपी जारी की गई है। इसके तहत तेज आवाज वाले उपकरणों के साथ प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल पर भी रोक और निगरानी को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य सार्वजनिक आयोजनों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
Location : Balrampur
Published : 2 October 2026, 6:29 PM IST