
हिरासत में युवक की मौत (Img: Pinterest)
Ballia: रेवती थाना क्षेत्र में कामजी गोंड की पुलिस पिटाई से मौत के मामले में नामजद रेवती थाने के उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, उसका चालक मोहित यादव व सूरज कन्नौजिया, एक अज्ञात पुलिस की पकड़ से दूर हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
हालांकि, पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश की वात कह रही है। वहीं, सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं।
परिजनों का आरोप है कि कामजी (55) के बेटे विशाल और आरोपी सूरज कन्नौजिया के बीच मारपीट के मामले में पुलिस विशाल की तलाश में घर पहुंची थी। विशाल के नहीं मिलने पर कामजी गॉड को थाने ले गई थी। वहां पर कामजी को पीटा गया था। इसके बाद कामजी को ग्राम प्रधान के चालक के सुपुर्द कर दिया गया।
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वह बाइक से कामजी को प्रधान के इंट-भट्ठे पर ले गया और वहां पर करीब ढाई घंटे तक बंधक बनाकर पिटाई की गई, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें ठगिनी माई की मठिया के पास छोड़ दिया। बाद में वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान कामजी की मौत हो गई थी।
सोमवार को राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी गांव पहुंचे और थाने में पिटाई की घटना पर नाराजगी जताई। डीआईजी आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह ने परिजनों को आरोपियों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
वाराणसी स्थित वीएचयू में शनिवार को कामजी गॉड के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिटाई से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है।
Location : Ballia
Published : 14 July 2026, 3:26 PM IST