
बागपत में डबल मर्डर का खौफनाक खेल! (IMG: AI Generated)
Baghpat: बागपत के लहचौड़ा गांव में डबल मर्डर की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कहानी और ज्यादा डरावनी होती जा रही है। पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को अंकित प्रजापति और उसके साथ आए इसरार को मंदिर परिसर में बुलाया गया। आरोप है कि दोनों को पहले नशीली चाय पिलाई गई। चाय पीने के बाद जब दोनों बेहोश हो गए तो उन्हें जहर के इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद दोनों को मंदिर परिसर में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि जिस जगह दोनों को दफनाया गया, उसी जगह पर बाद में इंटरलॉकिंग करा दी गई और साधु नरेशनाथ ने वहां करीब 14 दिन तक पूजा-पाठ किया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी उज्ज्वल ने इस पूरे मामले से जुड़ी कई अहम बातें बताई हैं। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, अंकित प्रजापति साधु नरेशनाथ से पहले से परिचित था। अंकित सट्टे के नंबर लेने के लिए उसके पास आता-जाता था। बताया गया कि अंकित दो-तीन हजार रुपये तक सट्टा लगाता था, जबकि साधु उस पर लाखों रुपये लगाने के लिए दबाव बनाता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या की तैयारी पहले से की गई थी। आरोप है कि नरेशनाथ ने नशीली दवाएं और जहर के इंजेक्शन पहले ही जुटाकर रखे थे। 25 जुलाई को उसने फोन कर अंकित को मंदिर बुलाया। अंकित दिव्यांग था और चलने-फिरने में उसे परेशानी होती थी। ऐसे में वह अक्सर इसरार को अपने साथ रखता था और उसकी मदद के बदले खर्च भी देता था। इसी वजह से उस दिन अंकित के साथ इसरार भी मंदिर पहुंच गया।
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पुलिस के अनुसार, नशीली गोलियां मिली चाय पीने के कुछ ही समय बाद अंकित और इसरार बेहोश हो गए। इसके बाद आरोप है कि नरेशनाथ ने कार में रखे जहर के इंजेक्शन दोनों को लगा दिए। शुरुआत में दोनों को नहर में फेंकने की योजना बताई गई थी, लेकिन बाद में यह डर पैदा हुआ कि शव ले जाते समय कोई उन्हें देख सकता है। इसके बाद मंदिर परिसर में ही दोनों को दफनाने का फैसला किया गया।
पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, करीब एक घंटे की मेहनत के बाद लगभग चार फीट गहरा, दस फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद दोनों को उसी गड्ढे में डाल दिया गया। पुलिस के मुताबिक, उज्ज्वल ने पूछताछ में दावा किया कि जब अंकित और इसरार को गड्ढे में डाला गया, उस समय तक दोनों की सांसें चल रही थीं। अगर यह दावा जांच में सही पाया जाता है तो मामला और भी गंभीर हो सकता है।
हत्या के बाद आरोपी ने जिस तरह मामले को छिपाने की कोशिश की, वह पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू माना जा रहा है। आरोप है कि दोनों को दफनाने के बाद उसी स्थान पर करीब 14 दिनों तक साधु ने धूनी रमाकर पूजा की। बाहर से देखने पर यह जगह सामान्य धार्मिक स्थल जैसी दिखाई देती रही, लेकिन पुलिस के मुताबिक इसी परिसर के नीचे दो लोगों के शव दबे हुए थे। इस खुलासे के बाद गांव में भी लोग हैरान हैं।
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, नरेशनाथ लगातार पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और जांच को भ्रमित करने की कोशिश करता रहा। अंकित की बहन और परिवार के कुछ लोग भी उसे परिवार का सदस्य बताते हुए पुलिस से उसके खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कहते रहे। इसी बीच पुलिस ने नरेशनाथ की पत्नी के मोबाइल को भी सर्विलांस पर लगाया। बुधवार शाम उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। पुलिस ने नंबर को ट्रेस किया और इसी कड़ी में उज्ज्वल तक पहुंच गई।
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जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और पेचीदा स्थिति आई। अंकित के घर में उसका एटीएम कार्ड रखा था। उसके लापता होने के बाद उसी एटीएम से तीन बार पैसे निकाले गए। बैंक खाते की जानकारी सामने आने पर पुलिस को लगा कि शायद अंकित खुद पैसे निकाल रहा है। लेकिन जब एटीएम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो उसमें उसकी बहन पैसे निकालते हुए दिखाई दी। इसके बाद पुलिस को इस मामले की एक और कड़ी समझ में आई।
गांव के ग्रामीणों ने नरेशनाथ की गतिविधियों को लेकर भी कई गंभीर बातें बताई हैं। ग्रामीण सुरेंद्र कुमार का कहना है कि साधु की गतिविधियां लंबे समय से सामान्य नहीं लगती थीं। ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने साधु को रात के समय श्मशान घाट में मुर्गे की बलि देते हुए भी देखा था। इसके अलावा मंदिर परिसर में कथित तंत्र क्रिया से जुड़े निशान होने की बात भी कही गई है।
अंकित के बारे में बताया गया कि करीब छह साल पहले खेत में गेहूं निकालने वाली मशीन पलट गई थी। हादसे में वह नीचे दब गया था और उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। अंकित घर पर रहकर कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन काम करता था। वह अपने परिवार में पांच बहनों का इकलौता भाई था। उसकी हत्या की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
Location : Baghpat
Published : 14 August 2026, 3:13 PM IST