10 पेज के सुसाइड नोट में छलका दर्द, ‘अब नहीं सह पा रहे थे’… मां-बाप ने 3 साल की बेटी को मारकर दी जान

कुरुक्षेत्र के प्रेम नगर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां एक दंपती ने अपनी बीमार तीन साल की बेटी की हत्या कर खुद भी फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में दर्द और बेबसी साफ झलकती है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 April 2026, 3:53 PM IST

Kurukshetra: कुरुक्षेत्र के प्रेम नगर में एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। एक ही कमरे में तीन लाशें फंदे से लटकी मिलीं मां, पिता और उनकी तीन साल की मासूम बेटी। वजह जानकर पुलिस भी सन्न रह गई। बेटी की गंभीर बीमारी से टूट चुके मां-बाप ने पहले उसे मौत के हवाले किया और फिर खुद भी जिंदगी से हार मान ली।

बीमारी ने तोड़ दिया परिवार

सोमवार को सामने आए इस मामले में मृतकों की पहचान जतिंद्र कुमार (30), उनकी पत्नी युक्ता (28) और तीन साल की बेटी अद्विका के रूप में हुई। सबसे दर्दनाक बात ये रही कि जिस दिन यह सब हुआ, उसी दिन बच्ची का जन्मदिन था। अद्विका सेरेब्रल हाइपोक्सिया नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, जिसमें दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती। इस बीमारी के कारण बच्ची को शारीरिक और मानसिक दिक्कतें थीं, जिससे माता-पिता पूरी तरह टूट चुके थे।

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व्हाट्सएप मैसेज से खुला राज

आत्मघाती कदम उठाने से पहले जतिंद्र ने अपने बहनोई को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- “हम खुदकुशी कर रहे हैं, मां का ख्याल रखना।” इतना ही नहीं, उन्होंने कमरे की चाबी कहां रखी है, ये भी बताया। जैसे ही मैसेज देखा गया, परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

कमरे का मंजर देख कांप उठी रूह

जब पुलिस ने दरवाजा खोला तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे के बीचों-बीच छत के कुंडे से चुन्नी के सहारे मासूम अद्विका लटकी थी। उसके एक तरफ पिता और दूसरी तरफ मां रस्सी से झूल रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस घटना की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। कमरे से 10 पेज का सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें दोनों की लिखाई में दर्द, बेबसी और माफी के शब्द लिखे थे।

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जांच में सामने आई सच्चाई

डीएसपी सुनील कुमार के मुताबिक, दंपती बेटी की बीमारी से बेहद परेशान था और मानसिक तनाव में जी रहा था। फॉरेंसिक जांच में भी पुष्टि हुई कि तीनों की मौत फांसी के कारण हुई। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची को नींद में ही फंदे पर लटकाया गया था, जिसके बाद माता-पिता ने भी जान दे दी।

जतिंद्र मूल रूप से करनाल के रहने वाले थे और रेलवे डाक सेवा में कार्यरत थे। परिवार में अब सिर्फ उनकी मां बची हैं, जबकि भाई कनाडा में रहता है। हाल ही में परिवार जयपुर घूमकर लौटा था और नई थार गाड़ी भी खरीदी थी, लेकिन अंदर ही अंदर चल रहा दर्द आखिरकार इस दर्दनाक अंत में बदल गया।

Location :  Kurukshetra

Published :  21 April 2026, 1:50 PM IST