मेरठ के कपसाड़ गांव में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। आरोपी पारस सोम की कोर्ट में पेशी के साथ ही गांव में सियासी टकराव भी तेज हो गया। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए गांव को पूरी तरह सील कर रखा है।

रूबी की बरामदगी के बाद हाई अलर्ट
Meerut: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र का कपसाड़ गांव बीते कई दिनों से पुलिस छावनी में तब्दील है। लड़की रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्या के बाद हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि गांव के हर प्रवेश मार्ग पर बैरिकेडिंग, सघन चेकिंग और पूछताछ के बिना किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही। स्थिति यह है कि भाजपा और सपा के विधायक से लेकर सांसद तक के लिए गांव में “नो एंट्री” लागू है।
एक तरफ कपसाड़ गांव में तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत किया गया है। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट परिसर में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस ने अपहृत युवती रूबी को सुरक्षित बरामद करने के बाद उससे लगातार पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रूबी के बयान पूरे केस की दिशा तय करेंगे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त कौन-कौन शामिल था, अपहरण की साजिश कैसे रची गई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
शनिवार को कपसाड़ गांव के बाहर सियासी माहौल भी गर्माया रहा। विपक्षी नेताओं को गांव में दाखिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने काशी टोल प्लाजा, अटेरना पुल और सलावा चौराहे पर भारी घेराबंदी कर रखी थी। सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान जैसे ही काशी टोल पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने वहीं सड़क पर धरना शुरू कर दिया।
धरने के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात इतने बिगड़े कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहा था।
कपसाड़ कांड के बाद प्रशासन ने जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है। गांव की ओर जाने वाले हर रास्ते पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। हर आने-जाने वाले वाहन की तलाशी ली जा रही है और पहचान पत्र देखने के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।
यह पूरा मामला बृहस्पतिवार सुबह का है। मेरठ के सरधना इलाके के कपसाड़ गांव में सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की तरफ जा रही थीं। इसी दौरान गांव के ही पारस सोम, सुनील और उनके कुछ साथी कार से वहां पहुंचे और रूबी को जबरन ले जाने की कोशिश की। सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके सिर पर फरसे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी रूबी को अगवा कर फरार हो गए।
मां की हत्या और बेटी के अपहरण की खबर फैलते ही पूरे सरधना क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गांव में तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। लगातार दो दिन तक गांव और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति बनी रही।
युवती और आरोपी की तलाश में मेरठ पुलिस, सर्विलांस टीम और हरिद्वार पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। शनिवार शाम करीब 6:15 बजे इनपुट मिला कि पारस सोम रुड़की रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वहां दबिश दी और आरोपी पारस के साथ रूबी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पारस सोम और रूबी हरिद्वार भागने की फिराक में थे। दोनों को देर रात करीब 10:30 बजे मेरठ लाया गया। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पारस ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।