कार बिक्री से चोरी तक का खेल! भाजपा मंडल अध्यक्ष पर साजिश का आरोप, कोर्ट में सरेंडर

जगनेर क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष पर अपनी ही बेची गई कार को चोरी कराने और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे हैं। टोल मैसेज और फास्टैग डाटा ने पूरे मामले की पोल खोल दी। लंबी जांच के बाद आरोपी ने अदालत में सरेंडर कर दिया और जेल भेज दिया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 June 2026, 12:10 PM IST

Agra: आगरा के जगनेर इलाके में सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जहां एक भाजपा मंडल अध्यक्ष पर अपनी ही बेची गई कार को चोरी कराने और फिर साजिश रचकर उसे दोबारा हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। लंबे समय तक चली पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्य और टोल रिकॉर्ड ने इस पूरे खेल की परतें खोल दीं। आखिरकार बृहस्पतिवार को आरोपी ने अदालत में सरेंडर कर दिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पूरी कहानी कैसे शुरू हुई

यह पूरा मामला गांव पहला पाड़ा निवासी और जगनेर क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन शर्मा उर्फ सोनू शर्मा से जुड़ा है। बताया गया है कि उन्होंने वर्ष 2021 में जगनेर निवासी दीपक कुमार और उनके भाई मंगल को अपनी कार 5.65 लाख रुपये में बेची थी। सौदे में तय हुआ था कि किस्तों के आधार पर भुगतान होगा और पूरी राशि चुकता होने के बाद कार का ट्रांसफर किया जाएगा।

चोरी की रात और अचानक बदला घटनाक्रम

22 मार्च 2024 की रात अचानक दीपक कुमार के घर के बाहर खड़ी कार रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई। पीड़ित पक्ष ने तुरंत जगनेर थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और अंतिम रिपोर्ट लगा दी। कुछ महीनों बाद मामला तब पलटा जब दीपक के भाई के मोबाइल पर कार के टोल टैक्स कटने का मैसेज आया। यही वह संकेत था जिसने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया।

आगरा के होटल में हंगामा: जीजा ने साले को महिला के साथ पकड़ा, सड़क पर हुई मारपीट

टोल मैसेज से खुला बड़ा राज

11 जुलाई 2025 को बाराबंकी टोल प्लाजा पर कार का टोल टैक्स कटा। इस ट्रांजैक्शन ने पुलिस और पीड़ित परिवार दोनों को चौंका दिया। दीपक के भाई पवन ने फास्टैग को बैंक खाते से लिंक किया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कार अभी भी सड़क पर दौड़ रही है।

पुलिस जांच में सामने आई साजिश

जांच के दौरान पुलिस ने 24 अगस्त 2025 को जयपुर हाईवे से कार को बरामद किया। इस दौरान बुलंदशहर निवासी पुनीत सिरोही को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने कार को दो लाख रुपये में खरीदा था और यह सौदा देवकी नंदन शर्मा के भाई मनमोहन शर्मा उर्फ छोटू के माध्यम से हुआ था।

400 पन्नों की चार्जशीट

पुलिस ने लंबी जांच के बाद करीब 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की, जिसमें दोनों भाइयों को आरोपी बनाया गया। कोर्ट ने समन और नोटिस जारी किए, लेकिन आरोपी कई बार पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए। लगातार दबाव बढ़ने पर आखिरकार आरोपी देवकी नंदन शर्मा ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम-11 आशीष कम्मोज की अदालत में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

वही किला, वही जगह… लेकिन कहानी बदलेगी; आगरा किले में 265 साल बाद फिर गूंजेगी विजय की कहानी

फास्टैग और टेक्नोलॉजी ने खोला पूरा केस

इस केस में तकनीक ने अहम भूमिका निभाई। कार पर राजस्थान की आरजे-14 नंबर प्लेट का फास्टैग लगाया गया था, जबकि असली नंबर यूपी 80 ईटी 1679 था। टोल पर जब भी गाड़ी गुजरती, फास्टैग से ऑटोमैटिक पेमेंट हो जाता और सिस्टम में रिकॉर्ड दर्ज हो जाता।

एक्सप्रेसवे पर मिला अहम सुराग

जांच टीम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा तक पहुंची, जहां पता चला कि कार की स्पीड अधिक होने पर चालान भी कटा था। टोल डाटा और फास्टैग रिकॉर्ड ने साफ कर दिया कि वाहन लगातार अलग-अलग राज्यों में चल रहा था और इसे छिपाने की पूरी कोशिश की जा रही थी।

Location :  Agra

Published :  12 June 2026, 12:10 PM IST