
नारायणी में मिली मौत की चार कहानियां (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि अब नारायणी नदी मौत का मलबा लेकर भारत की सीमा तक पहुंच रही है। नेपाल से बहकर नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे चार शवों को महराजगंज जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया था। इनमें तीन महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल है। रविवार को चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम DNA सैंपल भी लेगी। पोस्टमार्टम और सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को वापस नेपाल भेजकर वहां के प्रशासन को सौंपा जाएगा।
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से मलबे के साथ शवों के भारत की सीमा में पहुंचने का मामला सामने आया था। महराजगंज प्रशासन ने नारायणी नदी से बरामद चार शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया था। इन शवों में तीन महिलाओं और एक पुरुष के होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अभी तक चारों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। नेपाल में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों के बीच इन शवों की पहचान प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रविवार को महराजगंज जिला अस्पताल में चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में पूरी होगी। इसके साथ ही मृतकों की पहचान के लिए शवों से DNA सैंपल भी लिए जाएंगे। DNA सैंपल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नेपाल में आपदा के बाद कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में हैं। अगर लापता लोगों के परिजनों के DNA सैंपल उपलब्ध होते हैं तो वैज्ञानिक तरीके से उनका मिलान कराया जा सकता है। इससे मृतकों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
पोस्टमार्टम और DNA सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को दो एंबुलेंस से नेपाल भेजने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम शवों के साथ नेपाल जाएगी। शवों को महराजगंज से ठूठीबारी सीमा के रास्ते नेपाल के महेशपुर ले जाया जाएगा। यहां नेपाली प्रशासन को चारों शव सौंपे जाएंगे। इसके बाद नेपाल में मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक शव पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे शवों को लेकर नेपाल के उन परिवारों की उम्मीद भी जुड़ी हुई है, जो अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शवों की पहचान करना है। कई शवों की स्थिति ऐसी हो सकती है कि उनकी पहचान सामान्य तरीके से करना मुश्किल हो। यही वजह है कि DNA सैंपल लेकर सुरक्षित रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
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चारों शवों को अब तक महराजगंज जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस में सुरक्षित रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सीएचसी अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि मोर्चरी से संबंधित जरूरी व्यवस्था कराई जा रही है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम शवों को लेकर नेपाल के लिए रवाना होगी। मृतकों की पहचान में मदद के लिए DNA सैंपल भी लिए जाएंगे।
शव नेपाल प्रशासन को सौंपे जाने के बाद वहां उनकी पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। DNA सैंपल के जरिए मृतकों की पहचान होने की स्थिति में शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। नारायणी नदी के रास्ते भारत पहुंचे इन चार शवों ने नेपाल की प्राकृतिक आपदा की भयावहता को एक बार फिर सामने ला दिया है। फिलहाल महराजगंज प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में जुटी है।
Location : Maharajganj
Published : 30 August 2026, 8:22 PM IST