30 साल का आतंक, 154 केस और ₹20 लाख का इनाम, लातेहार पुलिस ने ऐसे ढहाया रवींद्र गंझू का साम्राज्य

झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। CPI (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य और ₹20 लाख के इनामी नक्सली रवींद्र गंझू को संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 3:08 PM IST

Latehar: झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल-विरोधी अभियान के दौरान लातेहार पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने CPI (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य रवींद्र गंझू (उर्फ मुकेश गंझू/सुरेंद्र गंझू) को गिरफ्तार किया है। उस पर झारखंड सरकार और NIA की ओर से कुल ₹20 लाख का इनाम घोषित था। SP कुमार गौरव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

संयुक्त स्पेशल ऑपरेशन से हुई गिरफ्तारी

SP ने बताया कि पुलिस को लगातार खुफिया जानकारी मिल रही थी कि रवींद्र गंझू अपने स्क्वाड के साथ बेतर आउटपोस्ट (OP) इलाके के हेसला बांझी टोला, रंगुनिया और कुडू इलाकों में सक्रिय है। इस जानकारी के आधार पर, लातेहार पुलिस, CRPF और CoBRA 209 बटालियन की एक संयुक्त स्पेशल ऑपरेशन टीम ने 12 जुलाई, 2026 को एक जोरदार छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान, रवींद्र गंझू को बांझी टोला के पास जंगल से गिरफ्तारी किया गया।

यहां भी पढ़ें: क्या बंद हो जाएगा झारखंड का बड़ा सीमेंट प्लांट? 22 KM पैदल चलकर उठी बड़ी मांग

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

छापेमारी के दौरान, सुरक्षा बलों ने एक AK-56 राइफल (दो मैगजीन और 180 जिदा कारतूस के साथ), एक 7.65mm ऑटोमैटिक पिस्तौल (दो मैगज़ीन और 12 कारतूस के साथ), एक सिंगल-बैरल देसी राइफल, 5.56mm के 21 कारतूस, .303 के 16 कारतूस और अन्य सामान बरामद किए।

रवींद्र गंझू पर 154 मामले दर्ज

पुलिस के अनुसार, 43 वर्षीय रवींद्र गंझू लगभग 30 वर्षों से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था और वर्तमान में चंदवा, गुमला और लोहरदगा क्षेत्रों में संगठन के कामकाज को संभाल रहा था। उस पर झारखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 154 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वह कई नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रहा है और लेवी (जबरन वसूली) वसूलने, विकास कार्यों में बाधा डालने और नागरिकों व सुरक्षा बलों पर हमले जैसी कई घटनाओं में शामिल रहा है।

यहां भी पढ़ें: झारखंड का वो नरसंहार जिसे कहा जाता है जलियांवाला बाग, जानिये 25 साल के बिरसा मुंडा ने कैसे हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत

₹20 लाख का इनाम

झारखंड सरकार ने रवींद्र गंझू पर ₹15 लाख और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने ₹5 लाख का इनाम घोषित किया था। उनकी गिरफ्तारी को नक्सल-विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

Location :  Latehar

Published :  14 July 2026, 3:08 PM IST