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Poorva Awasthi से जानिये sustainability के बारे में
New Delhi: आज के दौर में किसी कंपनी या देश की तरक्की को केवल मुनाफे और विकास के आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। असली सवाल यह भी है कि इस विकास का पर्यावरण, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर क्या असर पड़ रहा है। आखिर Sustainability का वास्तविक मतलब क्या है और इसे जमीन पर कैसे लागू किया जा सकता है? डाइनामाइट न्यूज़ की विशेष सीरीज में सस्टेनेबिलिटी स्ट्रेटेजिस्ट पूर्वा अवस्थी इन सवालों को आसान भाषा में समझाएंगी।
Sustainability यानी सतत विकास का मतलब ऐसा विकास करना है, जो वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता न करे। इसमें आर्थिक प्रगति, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
उदाहरण के तौर पर, प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करना, प्रदूषण कम करना और समाज के सभी वर्गों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना Sustainability की सोच का हिस्सा है।
ESG का पूरा नाम Environmental, Social and Governance है। इसके तीन प्रमुख आयाम पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और सुशासन हैं। इनके जरिए किसी कंपनी के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों के साथ उसके प्रबंधन, पारदर्शिता तथा जवाबदेही का मूल्यांकन किया जा सकता है।
वहीं, Sustainability एक व्यापक अवधारणा है, जिसका उद्देश्य लंबे समय तक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। ESG को इस दिशा में कंपनियों के प्रदर्शन और जोखिमों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
ESG के 3 Pillars कैसे बदल रहे हैं कंपनियों की सफलता की परिभाषा? डाइनामाइट न्यूज़ की सीरीज में जानिए
सतत विकास की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि इसे व्यवहार में कितना लागू किया जा रहा है। इसके लिए संसाधनों की खपत, प्रदूषण, कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रबंधन में पारदर्शिता जैसे पहलुओं का आकलन किया जा सकता है।
डाइनामाइट न्यूज़ पर पूर्वा अवस्थी के साथ इस वीडियो में Sustainability की क्लासिक परिभाषा, ESG की भूमिका और दोनों के बीच का महत्वपूर्ण अंतर समझने का अवसर मिलेगा।
Location : New Delhi
Published : 21 October 2026, 8:11 AM IST