भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा गिर गया जबकि निफ्टी 23,450 के नीचे फिसल गया। बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में गिरावट और वैश्विक बाजारों की कमजोरी से बाजार पर दबाव बना रहा।

बाजार में उतार-चढ़ाव
New Delhi: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex में 650 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 भी फिसलकर 23,450 के स्तर से नीचे आ गया। बाजार खुलते ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला और कई बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स करीब 550 अंकों की गिरावट के साथ खुला। वहीं निफ्टी भी 23,500 के स्तर से नीचे चला गया। विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में कमजोरी रही। इन सेक्टरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया।
आज के कारोबार में Larsen & Toubro और HDFC Bank के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी का सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आने से पूरे बाजार का रुख नकारात्मक हो गया।
Share Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी ने हरे निशान पर की शुरुआत, कारोबार में दिखा उतार-चढ़ाव
बाजार खुलने से पहले प्री-मार्केट सेशन में Tata Motors के लगभग 16 लाख शेयरों की ब्लॉक डील हुई। हालांकि इतनी बड़ी डील के बावजूद बाजार की समग्र दिशा कमजोर ही रही। प्री-ओपनिंग सेशन में ही गिरावट के संकेत मिल गए थे और बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Indian Rupee अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 9 पैसे कमजोर होकर 92.34 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 92.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मौजूदा गिरावट के साथ रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया है, जिससे आयात लागत बढ़ने की चिंता भी बढ़ सकती है।
Share Market: वैश्विक तनाव से बाजार पर असर, इस स्टॉक में भारी गिरावट के संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है तो भारतीय बाजार में भी सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।