गुड फ्राइडे पर शेयर बाजार बंद रहने से निवेशकों को मिला लंबा ब्रेक, लेकिन इसके पीछे छिपे संकेत ज्यादा अहम हैं। क्या यह सिर्फ छुट्टी है या बाजार में आने वाले बड़े बदलाव की आहट? जानिए पूरी खबर में आगे क्या हो सकता है।

BSE NSE बंद रहने से ट्रेडिंग रुकी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: गुड फ्राइडे के अवसर पर शुक्रवार, 3 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहेगा। इसके चलते निवेशकों को लगातार तीन दिन का लंबा ब्रेक मिल गया है। शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने से अब बाजार सीधे सोमवार को खुलेगा।
देश के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE पर गुड फ्राइडे के कारण सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रहेगी। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स—सभी में कारोबार पूरी तरह ठप रहेगा।
शुक्रवार को अवकाश के बाद शनिवार और रविवार को वीकेंड के कारण बाजार पहले से ही बंद रहता है। ऐसे में निवेशकों को लगातार तीन दिनों तक ट्रेडिंग का मौका नहीं मिलेगा। अब अगला कारोबारी सत्र सोमवार को शुरू होगा, जिसका निवेशक बेसब्री से इंतजार करेंगे।
Good Friday ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसे पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कई सरकारी और निजी संस्थान बंद रहते हैं, जिनमें वित्तीय बाजार भी शामिल हैं।
कमोडिटी मार्केट के प्रमुख एक्सचेंज MCX पर भी इस दिन ट्रेडिंग नहीं होगी। सामान्य दिनों के विपरीत, गुड फ्राइडे पर MCX के सुबह और शाम दोनों सेशन बंद रहेंगे।
हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंकाओं ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। ऐसे में यह लंबा ब्रेक निवेशकों को बाजार की दिशा को समझने और अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने का समय दे सकता है।
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आम दिनों में BSE और NSE पर इक्विटी मार्केट सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुला रहता है। प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 बजे शुरू होता है।
वहीं MCX पर ट्रेडिंग दो हिस्सों में होती है- पहला सत्र सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और दूसरा सत्र शाम 5:00 बजे से रात 11:30 बजे (कुछ महीनों में 11:55 बजे तक) चलता है।
लगातार तीन दिन का यह ब्रेक निवेशकों के लिए राहत का मौका भी हो सकता है और रणनीति बनाने का समय भी। बाजार बंद रहने के दौरान वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि सोमवार को बाजार खुलने पर इनका सीधा असर देखने को मिल सकता है।