भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स करीब 500 अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 23,700 के नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों की कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है।

शेयर बाजार (Img Source: Google)
New Delhi: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। कारोबार शुरू होने से पहले ही बाजार पर दबाव देखने को मिला। प्री-ओपनिंग सेशन में BSE Sensex करीब 500 अंक तक गिरकर ट्रेड करता नजर आया, जबकि Nifty 50 भी दबाव में रहा और सुबह करीब 9:10 बजे 23,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के कारण भारतीय बाजार में शुरुआती गिरावट देखने को मिल रही है।
बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों के बीच सावधानी का माहौल दिखाई दिया। कई सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। खासतौर पर आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इन सेक्टरों में बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया। कई बड़ी कंपनियों के शेयर प्री-ओपनिंग सेशन में लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। बाजार विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्क रणनीति भी बाजार की चाल को प्रभावित कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार अक्सर वैश्विक बाजारों के रुख से प्रभावित होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी आने पर भारतीय बाजार में भी उसका असर दिखाई देता है। हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण कई निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। गुरुवार को Indian Rupee अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर खुला। रुपया 92.28 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला, जबकि बुधवार को इसका बंद स्तर 92.04 प्रति डॉलर था। इसका मतलब है कि शुरुआती कारोबार में रुपये में हल्की कमजोरी दर्ज की गई है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को बाजार में सतर्कता बरतने की जरूरत है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और प्रमुख सेक्टरों की चाल आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल निवेशक बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।