
शेयर बाजार में हाहाकार (image source: internet)
New Delhi: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,100 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,226 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 314 अंक गिरकर 23,862 पर बंद हुआ। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर करीब 467 लाख करोड़ रुपये रह गया।
ऐसा कहा जा रहा है कि बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद टूटने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा और ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
बाजार में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया। इससे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई बढ़ने का डर गहरा गया।
दूसरा बड़ा कारण भारतीय रुपये की कमजोरी है। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 94.90 के करीब पहुंच गया, जिससे आयात महंगा हो गया। विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने भी लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया है।
इसके अलावा एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। पीएम नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचाने की अपील के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि सरकार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। इससे ऑटो और तेल आधारित कंपनियों के शेयरों में दबाव बढ़ गया।
सोमवार को सबसे ज्यादा गिरावट रियल्टी, ऑटो और मेटल सेक्टर में देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में डर का माहौल इतना बढ़ गया कि वोलाटिलिटी इंडेक्स यानी VIX में तेज उछाल आ गया।
जानकारी के अनुसार जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
Location : New Delhi
Published : 11 May 2026, 12:54 PM IST