Stock Market Crash: निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे; सेंसेक्स 876 अंक टूटा, जानें बड़ी वजहें…

शेयर बाजार में भारी गिरावट से सेंसेक्स 876 अंक और निफ्टी 257 अंक टूटा। जानें निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये घटने और बाजार गिरने की 5 बड़ी वजहें।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 19 October 2026, 4:35 PM IST
google-preferred

New Delhi: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को भारी गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। बाजार में गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 5 लाख करोड़ रुपये घट गया। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

सेंसेक्स 876 अंक गिरा, निफ्टी 23 हजार के नीचे

कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1,000 अंक तक फिसल गया था। हालांकि, बीच में बाजार ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन बिकवाली के दबाव के चलते तेजी टिक नहीं सकी। कारोबार बंद होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,888.95 पर आ गया।

दिन की शुरुआत में सेंसेक्स 74,849.30 और निफ्टी 23,150.85 के स्तर पर खुले थे। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 472 लाख करोड़ रुपये से घटकर 468 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया।

यह भी पढ़ें: Neha Bora vs Delhi Police: पीस बॉन्ड नोटिस को लेकर हाई कोर्ट पहुंचीं AISA अध्यक्ष

इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट

सेंसेक्स के शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 1.12 प्रतिशत और अडानी पोर्ट्स 1.07 प्रतिशत चढ़े। लार्सन एंड टुब्रो में 0.61 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं, एक्सिस बैंक 3.85 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.82 प्रतिशत, इन्फोसिस 2.72 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 2.54 प्रतिशत और ट्रेंट 2.43 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।

निफ्टी में जेएसडब्ल्यू स्टील 2.06 प्रतिशत, ओएनजीसी 1.35 प्रतिशत और एसबीआई 1.15 प्रतिशत चढ़े। दूसरी ओर, एक्सिस बैंक 4.19 प्रतिशत, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 3.09 प्रतिशत और इन्फोसिस 2.63 प्रतिशत टूटे।

यह भी पढ़ें: IND vs NZ: न्यूजीलैंड में भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड डराएगा! क्या इस बार बदलेंगे आंकड़े?

शेयर बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें

1. पश्चिम एशिया में तनाव: क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे निवेशकों का रुझान प्रभावित हुआ।

2. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें: महंगे तेल से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इससे कंपनियों की लागत भी बढ़ सकती है।

3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से भारतीय शेयरों में बिकवाली बाजार पर दबाव डाल रही है।

4. बैंकिंग शेयरों में गिरावट: एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों के शेयरों में कमजोरी से प्रमुख सूचकांकों पर असर पड़ा।

5. कमजोर वैश्विक संकेत और मुनाफावसूली: वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने मुनाफा निकालने को प्राथमिकता दी, जिससे बिकवाली बढ़ी।

यह भी पढ़ें: रील्स वाली Gen Z अब सड़कों पर क्यों? सिर्फ SIR नहीं, कुछ और भी है! आखिर क्यों भड़क रहे हैं देश के युवा?

कुल मिलाकर, घरेलू और वैश्विक कारकों के दबाव में शेयर बाजार कमजोर रहा। आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Location :  New Delhi

Published :  19 October 2026, 4:34 PM IST

Related News

Advertisement