
स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग (image source: internet)
New Delhi: मुंबई में आज शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ लगातार गिरावट में रहा। BSE सेंसेक्स 1,300 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 करीब 2% टूट गया। पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा और सभी सेक्टर लाल निशान में रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट वैश्विक संकेतों के कारण तेज हुई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने बाजार का माहौल बिगाड़ दिया। निवेशकों में डर का माहौल देखने को मिला।
आज के कारोबार में बैंकिंग, फाइनेंशियल और एनर्जी सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा टूटे। बड़े और मजबूत माने जाने वाले शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों पर सीधा असर पड़ा।
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने गिरावट को और तेज कर दिया। तकनीकी चार्ट्स में प्रमुख सपोर्ट लेवल टूटने से ऑटोमैटिक सेलिंग भी बढ़ गई, जिससे बाजार और नीचे चला गया।
इस भारी गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटलाइजेशन घट गया। बाजार में घबराहट इतनी बढ़ी कि कई निवेशकों ने तुरंत अपने शेयर बेच दिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गिरावट बाजार सुधार (correction) का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसकी रफ्तार चिंता बढ़ाने वाली है। यह वैश्विक जोखिम और कमजोर निवेश भावना को दिखाता है।
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश प्रवाह पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।
Note- निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे इस समय सावधानी बरतें और जल्दबाजी में बड़े निवेश निर्णय न लें।
Location : New Delhi
Published : 12 May 2026, 7:15 PM IST