आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 30% की मुनाफे की बढ़त दर्ज की है। बेहतर परिचालन, लागत नियंत्रण और उत्पाद मिश्रण के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट 4,004 करोड़ रुपये रहा। बीते साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 3,074 करोड़ रुपये था।

आदित्य बिड़ला ग्रुप (Img: Google)
New Delhi: आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख स्टील और मेटल कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (जून) तिमाही के शानदार नतीजों की घोषणा की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 30% बढ़कर 4,004 करोड़ रुपये पहुंच गया है। बीते साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 3,074 करोड़ रुपये था।
हिंडाल्को ने इस सफलता का श्रेय बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, लागत पर नियंत्रण और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स को दिया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश पई ने कहा, “हमने वित्त वर्ष 2025 की शुरुआत शानदार तरीके से की है। हमारी रणनीति और परिचालन कुशलता ने हमें लगातार मजबूती दी है।”
रेवेन्यू में 13% की बढ़ोतरी
कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशनल रेवेन्यू 13% बढ़कर 64,232 करोड़ रुपये हो गया है, जो बीते साल की समान तिमाही में 57,013 करोड़ रुपये था। यह उछाल मुख्यतः एल्युमीनियम की औसत कीमतों में बढ़ोतरी के कारण देखा गया है।
एल्युमीनियम कारोबार का दमदार प्रदर्शन
तांबा कारोबार में भी मजबूती
देश में तांबा कारोबार में भी 4% की वृद्धि दर्ज की गई। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 119 किलो टन (KT) था, जो अब बढ़कर 124 KT हो गया है। भले ही उपचार और शोधन शुल्क (TC/RC) कम रहे, फिर भी इस खंड ने अपेक्षित EBITDA हासिल किया।
नोवेलिस शिपमेंट में 1% वृद्धि
हिंडाल्को की अमेरिकी सहायक कंपनी नोवेलिस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस तिमाही में इसका कुल शिपमेंट 1% बढ़कर 963 किलो टन हो गया। इसमें बेवरेज कैन सेगमेंट का योगदान सबसे अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8% अधिक है।
कंपनी की वैश्विक स्थिति
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज एक वैश्विक दिग्गज मानी जाती है। यह कंपनी 28 अरब अमेरिकी डॉलर की वैल्यू के साथ दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमीनियम कंपनियों में शामिल है। साथ ही चीन को छोड़कर यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कॉपर रॉड निर्माता कंपनी भी है।