सोने और चांदी की कीमतों में MCX पर अचानक उछाल, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितताएं मुख्य कारण। निवेशकों को प्रॉफिट-बुकिंग से बचते हुए संतुलित और चरणबद्ध निवेश की सलाह दी जा रही है।

MCX पर सोना-चांदी में तेज़ उछाल
New Delhi: सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई। MCX में अप्रैल वायदा सोना ₹3,000 से अधिक बढ़कर लगभग ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी का मार्च कॉन्ट्रैक्ट लगभग 6% बढ़कर ₹2,64,885 प्रति किलोग्राम पर पहुंचा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच खरीदारी और प्रॉफिट बुकिंग को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
सोने के मुकाबले चांदी ने अधिक तेजी दिखाई। MCX पर चांदी लगभग 4% की बढ़त के साथ ₹2,59,887 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी में 2.5% की तेजी दर्ज की गई, जिससे पिछले सेशन में लगभग 10% की तेज बढ़त बनी रही। इस उछाल ने निवेशकों को आकर्षित किया और बाज़ार में सकारात्मक माहौल बना।
Gold Price: सोना-चांदी में तेज गिरावट, जानें क्या यह Gold खरीदने का सही मौका है?
MCX पर सोना लगभग 2% की बढ़त के साथ ₹1,58,500 प्रति 10 ग्राम हो गया। शुरुआती कारोबार में स्पॉट सोना 1.7% बढ़कर $5,000 प्रति औंस के पार गया, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की मजबूत मांग वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर रुझान से जुड़ी है।
सिर्फ सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी रही। स्पॉट प्लैटिनम 1.8% बढ़कर $2,134.18 प्रति औंस हो गया, जबकि पैलेडियम भी 1.8% की बढ़त के साथ $1,737.75 प्रति औंस पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कीमती धातुओं के बाज़ार में व्यापक मजबूती देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी मुख्य वजह रही। फरवरी की शुरुआत के बाद डॉलर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे डॉलर में कीमत वाली धातुएं विदेशी खरीदारों के लिए सस्ती हो गई हैं। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने भी सोने और चांदी की मांग को बढ़ावा दिया।
Gold Price: सोना-चांदी में तेज गिरावट, जानें क्या यह Gold खरीदने का सही मौका है?
विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दे रहे हैं। कमजोर डॉलर, वैश्विक अनिश्चितताएं और संभावित मौद्रिक ढील निकट भविष्य में सोने और चांदी को सहारा दे सकती हैं। हालांकि, इतनी तेजी के बाद प्रॉफिट-बुकिंग का जोखिम भी मौजूद है। निवेशकों को बाजार के रुझान, वैश्विक संकेत और अपने निवेश लक्ष्यों के आधार पर रणनीति बनानी चाहिए।