कोल इंडिया के शेयरों में गुरुवार को तेजी देखने को मिली है। भारत दौरे पर आये कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम की मुलाकात के बाद शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इंट्रा-डे के दौरान कोल इंडिया शेयर 4 फीसदी तक चढ़ गए।

कोल के शेयरों मार्केट में आयी तेजी
New Delhi: कोल इंडिया के शेयरों में गुरुवार को तेजी देखने को मिली है। भारत दौरे पर आये कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम की मुलाकात के बाद शेयरों में तेजी देखने को मिली।
यह मीटिंग भारत-कनाडा रिश्तों को और बेहतर बनाने के हिस्से के तौर पर हुई, जिसमें $2.6 बिलियन की यूरेनियम सप्लाई डील पर साइन हुए और कनाडा-भारत मिनिस्टीरियल एनर्जी डायलॉग को फिर से शुरू किया गया।
कोल इंडिया कनाडा के साथ भारत की रिसोर्स सिक्योरिटी को मजबूत करने और सस्टेनेबल एनर्जी की ओर बढ़ने के लिए स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर एक्टिव है।
52 हफ्तों के करीब पहुंचा कोल इंडिया का शेयर
कोल इंडिया का शेयर 52 हफ्तों के करीब पहुंच गया है। BSE पर ये 435.05 रुपये के पिछले क्लोजिंग भाव की तुलना में 437.45 रुपये पर खुला और 453.40 रुपये तक उछला, जबकि इसके 52 हफ्तों का टॉप 461.20 रुपये है। करीब 10 बजे कंपनी का शेयर 15.70 रुपये या 3.61 फीसदी की मजबूती के साथ 450.75 रुपये पर है।
दोनों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई। इस कोलेबोरेशन का फोकस जरूरी मिनरल सेक्टर, कोकिंग कोल एक्विजिशन और एडवांस्ड सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिस को लागू करने पर है।
दूसरी तरफ इजरायल-ईरान वार के चलते वैश्विक बाजार में कोयले की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। वैश्विक बाजारों में कोयले के दाम बढ़ने से कोल इंडिया को भी इसका फायदा मिलता दिख रहा है। बाजार को LNG आपूर्ति में बाधा खड़ी होने की आशंका है।
विश्लेषकों का मानना है कि कोल इंडिया को वैश्विक बाजार में कोयले की मांग बढ़ने और कीमत ऊपर जाने का सीमित फायदा मिलेगा, क्योंकि कंपनी ज्यादातर घरेलू बाजार में काम करती है। हालांकि, अच्छी बात ये है कि वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ने से ई-ऑक्शन से कमाई बढ़ सकती है।
कोल इंडिया अपना 10-15 फीसदी कोयला सिंगल विंडो मोड एग्नोस्टिक (SWMA) ई-ऑक्शन के जरिए बेचती है। जब आयातित कोयला महंगा हो जाता है, तो सीमेंट, स्टील, स्पंज आयरन जैसी इंडस्ट्रीज घरेलू कोयले की तरफ मुड़ती हैं, जिससे ई-ऑक्शन में प्रीमियम बढ़ता है और कंपनी को फायदा होता है।
दुनिया भर में कोयले की कीमतें बढ़ रही हैं। कतर ने रस लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में अपनी एनर्जी फैसिलिटी के पास दो ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट करने के बाद LNG उत्पादन रोक दिया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि गैस महंगी होने पर बिजली (पावर जनरेशन) में कोयले का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिससे बिजली बनाने वाले कोयले की मांग और कीमतें और ऊपर जाएंगी।
डिस्क्लेमर: यहां शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।