
अब विदेश में भी निकलेगा भारत का सोना (Img- AI)
Bengaluru: चीन के बाद भारत दुनिया में सोने की सबसे ज्यादा खपत करने वाला देश है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि हमें अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करना पड़ता है। हालांकि, अब इस निर्भरता को कम करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बेंगलुरु स्थित 'डेक्कन गोल्ड माइन्स लिमिटेड' ने मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान में सोने का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर नया इतिहास रच दिया है।
किर्गिस्तान के नारिन इलाके में स्थित 'अल्टिन टोर' प्रोजेक्ट मिनरल्स से भरपूर सोल्टन सारी जोन का हिस्सा है। यह क्षेत्र करीब 300 किलोमीटर तक फैला हुआ है और दुनिया के बेहतरीन गोल्ड डिपॉजिट्स के लिए जाना जाता है। किर्गिज रिपब्लिक के राष्ट्रपति सादिर एन. जापारोव ने हाल ही में ऑनलाइन समारोह के जरिए अल्टिन टोर प्रोजेक्ट के गोल्ड प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया, जिसका संचालन डेक्कन गोल्ड की स्थानीय सहायक कंपनी 'एवेलम पार्टनर एलएलसी' कर रही है।
कंपनी ने जानकारी दी कि उसने अगस्त के महीने में ही इस प्रोजेक्ट से अपना पहला 'गोल्ड डोरे' (कच्चा सोना) तैयार कर लिया था। विदेश में किसी भारतीय कंपनी का एक्सप्लोरेशन से प्रोडक्शन स्टेज तक पहुंचना भारत के माइनिंग सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय कंपनियां अब ग्लोबल लेवल पर बड़ी माइनिंग दिग्गज कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गणेश चतुर्थी पर बप्पा का तोहफा: सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका
साल 2003 में स्थापित डेक्कन गोल्ड माइन्स भारत की पहली बीएसई-लिस्टेड गोल्ड और क्रिटिकल मिनरल कंपनी है। केवल किर्गिस्तान ही नहीं, बल्कि कंपनी का पोर्टफोलियो कई देशों में फैला है। स्पेन में टंगस्टन और टिन प्रोजेक्ट, मोजांबिक में लिथियम और टैंटलम एसेट्स और भारत के छत्तीसगढ़ में निकेल-कॉपर-प्लैटिनम प्रोजेक्ट्स पर कंपनी तेजी से काम कर रही है।
Location : Bengaluru
Published : 14 September 2026, 10:34 AM IST