
अनिल अंबानी केस में बड़ा मोड़ (Img: Google)
New Delhi: उद्योगपति अनिल अंबानी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें काला धन अधिनियम के तहत उनके खिलाफ चल रही दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। इस फैसले के बाद फिलहाल अंबानी के खिलाफ मुकदमा चलाने और जुर्माने जैसी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।
अनिल अंबानी ने अपनी याचिका में काला धन अधिनियम के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि यह अधिनियम 2015 में लागू हुआ था, जबकि जिन वित्तीय लेनदेन पर आरोप लगाए गए हैं वे वर्ष 2006-07 और 2010-11 के हैं। ऐसे में अधिनियम को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने की। अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले से जारी मूल्यांकन आदेश और आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष उनकी अपील आगे बढ़ सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय आने तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिसमें अभियोजन और जुर्माना शामिल है।
आयकर विभाग ने 8 अगस्त 2022 को जारी नोटिस में अनिल अंबानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विभाग का दावा है कि उन्होंने 814 करोड़ रुपये से अधिक के अघोषित धन से जुड़े मामले में करीब 420 करोड़ रुपये की कर चोरी की है। यह राशि कथित तौर पर दो स्विस बैंक खातों में रखी गई थी।
विभाग का कहना है कि अंबानी ने विदेशी संपत्तियों और वित्तीय हितों का खुलासा अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया, जो काला धन अधिनियम का उल्लंघन है। उन पर धारा 50 और 51 के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें अधिकतम 10 साल की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
आयकर विभाग के अनुसार, अनिल अंबानी बहामास स्थित ‘डायमंड ट्रस्ट’ और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स की ‘नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड’ से जुड़े रहे हैं। विभाग का दावा है कि इन संपत्तियों का खुलासा नहीं किया गया था।
Location : New Delhi
Published : 10 June 2026, 3:00 PM IST